दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 23 जुलाई: मानसून सत्र के बीच संसद में NEET पेपर लीक का मामला गरमाया हुआ है। गुरुवार को संसद भवन परिसर में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन और सत्ता पक्ष का जवाब दोनों तेज दिखे। हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए रोकनी पड़ी।
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पीएम की टिप्पणी भड़काऊ है और सरकार NEET प्रकरण में जिम्मेदारी लेने से बच रही है। इसी के साथ खरगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा।
इसके जवाब में लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “हमने कल भी अनुरोध किया था और आज फिर कर रहे हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क किया गया है। उन्हें आकर अपने सुझाव देने के लिए भी कहा गया है।”
रिजिजू ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष से इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। सरकार NEET पेपर लीक पर सदन और राज्यसभा दोनों में चर्चा को तैयार है। उनके शब्दों में, “विपक्ष जिस दिन चाहे, जितनी देर चाहे, उसी प्रारूप में चर्चा हो सकती है। हम हाथ जोड़कर आग्रह करते हैं कि चर्चा की तारीख तय की जाए।”
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “आप शर्तें रख रहे हैं, बहाने बना रहे हैं। इससे साफ है कि आप बहस से बचना चाहते हैं। आज एनडीए के सभी सांसदों ने भी प्रदर्शन कर मांग की कि NEET लीक पर तत्काल और देशव्यापी चर्चा हो। जिन-जिन राज्यों में पेपर लीक की शिकायतें आई हैं, उन सब पर बात जरूरी है। इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए।”
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी मोर्चा खोला। उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को खुली चुनौती दी कि वे संसद में आकर NEET समेत युवाओं से जुड़े सभी विषयों पर बहस करें। नवीन ने कहा, “अगर विपक्ष चर्चा के लिए राजी होता है तो उसकी कथनी-करनी का फर्क सामने आ जाएगा। राहुल गांधी की पहचान हमेशा से पलायन करने वाले नेता की रही है। भाजपा और एनडीए हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी और उनका समूह चर्चा में नहीं आएगा, क्योंकि पिछले 50-60 सालों में उनका रिकॉर्ड युवाओं को गुमराह करने का रहा है। आज भाजपा एनडीए की सरकार ने युवाओं के भविष्य को नई दिशा दी है।”
इस बीच मानसून सत्र के दौरान मकर द्वार पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन हुआ। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने NEET पेपर लीक को लेकर नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराई।