दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 23 जुलाई: फार्मेसी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने तीखा जवाब दिया है। कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल द्वारा इस्तीफे की मांग तेज होने के बीच बैंस ने कहा कि यदि उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली बेहतर होती है तो वह तुरंत इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
बैंस ने स्पष्ट किया कि फार्मेसी परीक्षा में जो खामियां सामने आईं उन्हें सरकार ने खुद उजागर किया है। उन्होंने कहा कि मामले का पता चलते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। मंत्री के अनुसार मौजूदा सरकार पेपर लीक, नकल और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों को दबाया नहीं गया। प्रशासन ने स्वयं जांच की और गलत काम करने वालों पर कार्रवाई की। बैंस ने कहा कि सरकार का मकसद व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। इसी कारण कमियों को छिपाने के बजाय उन्हें सामने लाकर दुरुस्त किया जा रहा है।
विपक्ष पर लगाया राजनीतिकरण का आरोप
शिक्षा मंत्री ने विपक्ष पर इस मुद्दे को राजनीतिक फायदा लेने के लिए हवा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में परीक्षा घोटालों और पेपर लीक के मामलों को दबा दिया जाता था। इसके उलट वर्तमान सरकार जिम्मेदार लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है।
फार्मेसी परीक्षा में कथित नकल और गड़बड़ी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस से प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, भाजपा से केवल सिंह ढिल्लों और सुनील जाखड़, वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सरकार को घेरते हुए संबंधित मंत्री से इस्तीफा मांगा है।
विपक्ष ने हाल में कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
इस पर बैंस ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को भरोसेमंद और पारदर्शी बनाना है। कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसे छिपाने के बजाय उस पर कार्रवाई करना ही सरकार का सिद्धांत है।