कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से हुई सेंधमारी, बैंक ने कहा- कोर बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित
दैनिक खबरनामा। मुंबई, 27 जुलाई : भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों का संवेदनशील डेटा और कुछ आंतरिक दस्तावेज कथित तौर पर डार्क वेब पर लीक हो गए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद बैंक ने फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की जांच की जा रही है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि प्रारंभिक स्तर पर सुरक्षा उपाय लागू करने के बाद घटना की विस्तृत फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। बैंक के अनुसार, यह डेटा लीक एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से समझौता (कम्प्रोमाइज) होने के कारण हुआ, जिससे कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई।
हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया कि उसका कोर बैंकिंग सिस्टम इस साइबर हमले से प्रभावित नहीं हुआ है और ग्राहकों की बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से सुरक्षित हैं।
सूत्रों और साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार, लीक हुए डेटा में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज, ऋण (लोन) से जुड़े कागजात और बैंक के आंतरिक ऑडिट रिकॉर्ड शामिल हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस घटना से कितने ग्राहकों का डेटा प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह डेटा शनिवार रात डार्क वेब पर दिखाई दिया, जहां इसे 700 गीगाबाइट से अधिक जानकारी वाले डेटा संग्रह (कैश) के रूप में प्रचारित किया गया। वेबसाइट के मेटाडेटा के विश्लेषण से इस दावे की पुष्टि होने की बात सामने आई है।
इस मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
हाल के महीनों में बड़े वित्तीय संस्थानों और कंपनियों पर साइबर हमलों की बढ़ती घटनाओं ने डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जून के महीने में भी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर साइबर हमले के बाद ऐपल से जुड़े दस्तावेज़ डार्क वेब पर लीक हो गए थे।