3 जनवरी (दैनिक खबरनामा )पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) की नियमित मॉनिटरिंग में गंभीर चूक सामने आई है, जिसके चलते मंडी गोबिंदगढ़ स्थित एक बड़ी औद्योगिक इकाई पर 5.44 करोड़ रुपये का रेट्रोस्पेक्टिव (पिछला) बिजली शुल्क थोप दिया गया है। यह मामला हाई लोड बिजली कनेक्शनों की निगरानी में प्रशासनिक खामियों को उजागर करता है।जानकारी के अनुसार संबंधित उद्योग को लंबे समय तक निर्धारित मानकों से अधिक बिजली उपयोग के बावजूद समय पर नोटिस या संशोधित बिल जारी नहीं किया गया। बाद में जांच के दौरान खपत और लोड से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई, जिसके आधार पर PSPCL ने एकमुश्त भारी-भरकम बकाया राशि का डिमांड नोटिस जारी कर दिया।उद्योग प्रबंधन का कहना है कि यदि समय रहते मॉनिटरिंग और बिलिंग की जाती तो इतनी बड़ी राशि एक साथ नहीं बनती। वहीं, ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न सिर्फ विभागीय लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि औद्योगिक उपभोक्ताओं और बिजली निगम के बीच विश्वास को भी प्रभावित करता है।सूत्रों के मुताबिक, PSPCL अब पूरे मामले की आंतरिक जांच कर रहा है और यह भी देखा जा रहा है कि हाई लोड कनेक्शनों की नियमित जांच प्रक्रिया में कहां चूक हुई। यह मामला राज्य में अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए भी चेतावनी माना जा रहा है कि बिजली खपत और लोड नियमों की सख्ती से निगरानी जरूरी