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दैनिक खबरनामा | 11 अगस्त | नई दिल्ली: देश इस साल 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्र सरकार का ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी जोर पकड़ चुका है। यह अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के प्रति सम्मान और गौरव व्यक्त करने की अपील की है।

हालांकि, घर पर तिरंगा लगाने से पहले राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों को जानना बेहद जरूरी है। फ्लैग कोड के तहत झंडे के इस्तेमाल को लेकर कई प्रावधान तय किए गए हैं। इन नियमों की अवहेलना अथवा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इस साल ‘वंदे मातरम’ के नाम अभियान

इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ से विशेष रूप से जोड़ा गया है। देश 2026 में ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर मना रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शुरू हुए इस अभियान के दौरान देशभर में राष्ट्रभक्ति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भी इस मुहिम से जोड़ने के उद्देश्य से ‘सूर्यापथ तिरंगा’ के तहत रैलियां, तिरंगा यात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से लोगों से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की गई है।

तिरंगा लगाने से लेकर उतारने तक इन बातों का रखें ध्यान

राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय उसकी गरिमा और सम्मान बनाए रखना अनिवार्य है। झंडा साफ और आयताकार होना चाहिए तथा इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 निर्धारित है। नियमों के मुताबिक तिरंगा सूती, पॉलिएस्टर, ऊन, सिल्क या खादी से बना हो सकता है।

ध्वजारोहण के दौरान केसरिया पट्टी ऊपर होनी चाहिए और बीच में बना अशोक चक्र साफ दिखाई देना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज को किसी भी परिस्थिति में जमीन या पानी के संपर्क में नहीं आने देना चाहिए। इसके अलावा तिरंगे के साथ या उसके आसपास कोई दूसरा झंडा उससे ऊंचा या उसके बराबर नहीं लगाया जाना चाहिए।

संशोधित नियमों के तहत अब राष्ट्रीय ध्वज को दिन और रात दोनों समय फहराने की अनुमति है। हालांकि, रात में झंडा फहराते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि उस स्थान पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान समाप्त होने के बाद झंडे को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल सजावटी वस्तु या कपड़े के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।

तिरंगे के अपमान पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

2002 की ध्वज संहिता के तहत आम नागरिकों को अपने घर और कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति है। लेकिन यह अधिकार झंडे की गरिमा से जुड़े निर्धारित नियमों के अधीन है।

राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति को तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

तिरंगे के साथ सेल्फी से मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भाग लेने वाले नागरिकों के लिए सरकार की ओर से डिजिटल सर्टिफिकेट हासिल करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी लेकर अभियान की आधिकारिक वेबसाइट harghartiranga.com पर अपलोड करनी होगी।

पोर्टल पर अपना नाम दर्ज करने के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकता है। लोग इस सर्टिफिकेट को #HarGharTiranga और #HGT2026 हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकते हैं।

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