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दैनिक खबरनामा | 11 अगस्त | नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों को साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे को लेकर सतर्क किया है। पीएफ खाताधारकों को खास तौर पर फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए जारी चेतावनी में कहा है कि बिना जांचे किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है और इससे जालसाज संवेदनशील जानकारी हासिल कर आपके PF खाते को निशाना बना सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिख रही फर्जी साइटें

EPFO के मुताबिक साइबर अपराधी ऐसी नकली वेबसाइट और लिंक तैयार कर रहे हैं, जिनका डिजाइन और रूप आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिखाई देता है। इनका मकसद लोगों को भ्रमित कर उनकी निजी और वित्तीय जानकारी हासिल करना है।

ठग अक्सर SMS, ईमेल और सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे लिंक भेजते हैं, जिनमें कभी आकर्षक ऑफर का लालच दिया जाता है तो कभी किसी सेवा को बंद करने या खाते से जुड़ी समस्या का डर दिखाया जाता है। लिंक खोलने के बाद यूजर्स से व्यक्तिगत जानकारी, ATM PIN, OTP जैसी संवेदनशील डिटेल मांगी जा सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक पर जाने से पहले उसके वेब एड्रेस और वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।

UAN, PPO से लेकर बैंक डिटेल तक किसी से साझा न करें

EPFO ने सदस्यों को स्पष्ट सलाह दी है कि वे अपनी महत्वपूर्ण जानकारियां किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसमें UAN, PPO, पासवर्ड, आधार, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और OTP जैसी डिटेल शामिल हैं।

PF से जुड़ी किसी भी सेवा का इस्तेमाल करते समय पहले वेबसाइट के URL को ध्यान से जांचें। अगर वेबसाइट के नाम में अजीब स्पेलिंग, संदिग्ध डोमेन या कोई असामान्य बदलाव नजर आए तो वहां अपनी जानकारी दर्ज न करें।

सुरक्षित रहने का बेहतर तरीका यह है कि किसी SMS, ईमेल या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए लिंक से EPFO की सेवा खोलने के बजाय अपने ब्राउजर में EPFO की आधिकारिक वेबसाइट का पता स्वयं दर्ज करें और वहीं से संबंधित सेवा का इस्तेमाल करें।

EPFO फोन या मैसेज पर नहीं मांगता OTP

EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है कि संगठन अपने सदस्यों से फोन कॉल, SMS, WhatsApp, सोशल मीडिया या ईमेल के जरिए OTP, निजी जानकारी अथवा लॉगिन क्रेडेंशियल नहीं मांगता।

ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को EPFO के नाम पर कोई फोन, संदेश या ईमेल मिलता है, जिसमें इस तरह की संवेदनशील जानकारी मांगी गई हो, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानकर सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में OTP या लॉगिन संबंधी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

संदिग्ध लिंक या फिशिंग की तुरंत करें शिकायत

EPFO ने सदस्यों से अपील की है कि किसी संदिग्ध वेबसाइट, संदेश या फिशिंग प्रयास का सामना होने पर उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी घटना की शिकायत EPFO की आधिकारिक हेल्पलाइन या साइबर सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से की जानी चाहिए।

साइबर ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि PF से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाए और UAN, आधार, बैंक डिटेल तथा OTP जैसी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाए।

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