दैनिक खबरनामा | 12 अगस्त | नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीवन-संघर्ष, सादगी और विनम्रता को देशवासियों के लिए प्रेरणादायी बताया। बुधवार को रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजय: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के विमोचन कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उनके जीवन से जुड़े कई प्रसंग साझा किए। उन्होंने राष्ट्रपति भवन के औपचारिक प्रोटोकॉल से लेकर कोविंद के अपने गांव की मिट्टी के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवाओं, खासकर Gen Z, को सोशल मीडिया के प्रभाव में सफलता के आसान रास्ते तलाशने से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि जीवन में स्थायी सफलता हासिल करने के लिए संघर्ष, अनुशासन और सही दिशा जरूरी है।
पीएम की कार तक विदा करने आते थे कोविंद
पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सहजता का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के बाद कोविंद कई बार उन्हें विदा करने स्वयं उनकी कार तक पहुंच जाते थे। प्रधानमंत्री के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन के निर्धारित प्रोटोकॉल के बावजूद कोविंद की यह आत्मीयता बनी रही।
मोदी ने कहा कि उन्होंने कई अवसरों पर कोविंद से ऐसा न करने का आग्रह किया, लेकिन उनकी विनम्रता और सहज व्यवहार में बदलाव नहीं आया। प्रधानमंत्री ने इस प्रसंग को उनके व्यक्तित्व की सादगी और बड़प्पन का उदाहरण बताया।
राष्ट्रपति बनने के बाद गांव लौटे तो छू ली मिट्टी
रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख से जुड़ी घटना को याद करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद गांव पहुंचने पर कोविंद ने अपने गुरुओं के चरण स्पर्श किए। इसके बाद उन्होंने गांव की मिट्टी को नमन किया और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद का यह व्यवहार भारतीय संस्कारों और मूल्यों की गहरी झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद भी रामनाथ कोविंद देशहित के कार्यों से जुड़े हुए हैं। वह ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के मुद्दे पर बनी समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
Gen Z को पीएम की सलाह—सफलता के लिए शॉर्टकट से रहें दूर
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर संस्कृति के बीच सफलता पाने के लिए आसान रास्ते चुनने के प्रति आगाह किया। उन्होंने रेलवे स्टेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोग फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं।
पीएम मोदी ने अंग्रेजी के वाक्य “A shortcut will cut you short” का उल्लेख करते हुए समझाया कि गलत और जोखिम भरे शॉर्टकट आगे चलकर नुकसान का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से महान और सफल लोगों की आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरों के संघर्ष और अनुभवों को जानने से युवाओं को जीवन में सही दिशा चुनने तथा कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मिल सकती है।