दैनिक खदरनामा। उदयपुर, 12 अगस्त: केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और रक्षा से इतर पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है। आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद सरकार उस पर अंतिम फैसला लेगी। इस फैसले का असर राजस्थान के लगभग 20 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स पर भी पड़ेगा।
यह जानकारी लोकसभा में सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सामने आई। उन्होंने आयोग के गठन, अध्यक्ष व सदस्यों, रिपोर्ट की समय-सीमा, लागू होने की संभावित तिथि और लाभार्थियों की संख्या को लेकर प्रश्न उठाया था। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इसका लिखित उत्तर दिया।
आयोग की कमान किसके हाथ में
मंत्री ने बताया कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 को जारी संकल्प के जरिए 8वें वेतन आयोग का गठन किया। आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। प्रो. पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन को सदस्य-सचिव बनाया गया है। अभी तक आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं दी हैं।
कितने लोगों को मिलेगा फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार में सिविल कर्मचारियों की संख्या करीब 35.77 लाख आंकी गई है। वहीं 31 दिसंबर 2025 तक रक्षा पेंशनर्स को छोड़कर पेंशन और पारिवारिक पेंशन लेने वालों की संख्या लगभग 33.76 लाख है। दोनों को मिलाकर कुल लाभार्थियों की संख्या करीब 69.53 लाख बैठती है।
किन बिंदुओं पर होगा मंथन
आयोग सिर्फ वेतन और भत्तों तक सीमित नहीं रहेगा। वह देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन, विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधनों की उपलब्धता, गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं पर पड़ने वाले वित्तीय भार और उन राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति का भी आकलन करेगा जो आमतौर पर केंद्रीय आयोग की सिफारिशों को कुछ बदलावों के साथ लागू करती हैं।