दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़/मोहाली, 15 अगस्त: बंदी सिखों की रिहाई सहित कई मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा गवर्नर हाउस का घेराव किए जाने के ऐलान के बाद चंडीगढ़ और मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार को पुलिस ने शहर के प्रवेश द्वारों पर व्यापक जांच अभियान चलाया।
चंडीगढ़ की तरफ आने-जाने वाले अधिकतर मार्गों को बंद कर दिया गया है, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
मोर्चा के कार्यकर्ता वाइपीएस चौक पर एकत्रित हो रहे हैं। इस आंदोलन में संयुक्त किसान मोर्चा के झंडे तले विभिन्न किसान संगठन भी शामिल हो रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार यह रोष मार्च दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा।
समर्थकों के चंडीगढ़ की ओर कूच करने की आशंका के चलते पुलिस ने अहम सड़कों पर बैरिकेड लगा दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारी हालात पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
29 जुलाई की झड़प के बाद अलर्ट
29 जुलाई को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर वारिस पंजाब दे और अकाली दल पुनरसुरजीत के कार्यकर्ताओं ने सांसद अमृतपाल सिंह समेत अन्य बंदी सिखों को रिहा करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोध तोड़ दिए थे और वाटर कैनन गाड़ी पर चढ़ गए थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भिड़ंत में कई सुरक्षाकर्मी चोटिल हुए थे। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए आज के मार्च के मद्देनजर पुलिस ने पहले से ही अतिरिक्त एहतियात बरती है।
गवर्नर हाउस तक निकलेगा मार्च
मोर्चा के संयोजक बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए सरकारों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सरकार को जगाने के लिए आज मोहाली से चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से करने की अपील की है।
ट्रैफिक पर पड़ा असर
चंडीगढ़ की ओर जाने वाले ज्यादातर रास्ते बंद होने की वजह से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अनुरोध किया है कि वे प्रभावित मार्गों पर जाने से बचें और यातायात पुलिस द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।