दैनिक खबरनामा। शिमला, 18 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस सूची में हिमाचल प्रदेश के किसी नेता को शामिल नहीं किया गया है।
हालांकि सूची में महेंद्र पांडे का नाम जरूर है। वह मूल रूप से हिमाचल के नहीं हैं, लेकिन उन्होंने लंबे समय तक प्रदेश में संगठनात्मक कामकाज संभाला है, इसलिए उनका नाम हिमाचल से जुड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय टीम घोषित होने से पहले प्रदेश से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में था। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में अनुमान लगाया जा रहा था कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उनके साथ ही पूर्व राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी, मौजूदा राज्यसभा सदस्य डॉ. सिकंदर कुमार और लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप के नाम भी राष्ट्रीय पद के लिए चर्चाओं में आए थे।
प्रदेश में नाराजगी और अटकलें
हिमाचल को प्रतिनिधित्व न मिलने के बाद प्रदेश भाजपा के भीतर इस मुद्दे पर बातचीत तेज हो गई है। पिछली बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया था, जो खुद हिमाचल से आते हैं। इसी वजह से इस बार भी प्रदेश को तरजीह मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब उम्मीदें कैबिनेट फेरबदल पर
राष्ट्रीय टीम में जगह न मिलने के बाद अब हिमाचल का ध्यान केंद्र में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को उम्मीद है कि केंद्र सरकार के अगले विस्तार में प्रदेश को प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
वर्तमान में हिमाचल से सिर्फ जेपी नड्डा ही केंद्रीय मंत्री हैं और वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की सभी चारों सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस जीत में अनुराग ठाकुर भी शामिल थे। राज्यसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व डॉ. सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन कर रहे हैं।
कई नाम दौड़ में
संगठन में जगह न मिलने के बाद अब संभावित केंद्रीय मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसमें अनुराग ठाकुर का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। पार्टी के पास प्रदेश से अनुभवी चेहरों की कमी नहीं है, ऐसे में किसे मौका मिलता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
अब देखना होगा कि केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल को आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में क्या स्थान देता है।