दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 11 सितंबर: दिसंबर में प्रस्तावित चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से पहले शुक्रवार को वार्ड आरक्षण का ड्रॉ निकाला गया। सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में राज्य चुनाव आयुक्त की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई।
ड्रॉ के तहत कुल सात वार्डों को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। ये वार्ड हैं – वार्ड नंबर 29, 4, 9, 15, 1, 3 और 32। इनमें से तीन वार्ड- 29, 3 और 32 एससी महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखे गए हैं, जबकि शेष चार वार्डों में एससी वर्ग के महिला और पुरुष दोनों चुनाव लड़ सकेंगे।
आरक्षण की इस नई सूची के बाद कई मौजूदा पार्षदों के समीकरण बदल गए हैं और उन्हें नई सीट तलाशनी पड़ेगी।
दरअसल, इस बार ड्रॉ में निगम के कुल 35 में से पहले से आरक्षित 16 वार्डों को शामिल नहीं किया गया था। शेष 19 वार्डों में ही लॉटरी निकाली गई। इन 19 में से 7 वार्ड एससी के लिए और 9 वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुए हैं। यानी 19 में से 16 वार्ड आरक्षित श्रेणी में चले गए और केवल तीन वार्ड ही सामान्य वर्ग के लिए बचे हैं।
गौरतलब है कि 2021 के चुनाव में एससी के लिए वार्ड-7, 16, 19, 24, 26, 28 और 31 आरक्षित थे। उस समय वार्ड-16, 19 और 28 एससी महिला के लिए थे। इस बार एससी आरक्षण पूरी तरह से अलग वार्डों में शिफ्ट हो गया है।
कई मौजूदा पार्षदों पर असर
नए आरक्षण का सीधा असर मौजूदा पार्षदों पर पड़ेगा। वार्ड-3 से भाजपा पार्षद दलिप शर्मा तीसरी बार जीत की तैयारी कर रहे थे, लेकिन वार्ड एससी होने से अब उन्हें अन्य वार्ड देखना होगा। इसी तरह वार्ड-4 की पार्षद और डिप्टी मेयर सुमन शर्मा को भी अपनी सीट बदलनी पड़ सकती है।
वार्ड-9 से भाजपा की बिमला दुबे, वार्ड-15 से हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए रामचंद्र यादव, वार्ड-29 से आप के टिकट पर जीतकर कांग्रेस में आए मुन्नवर और वार्ड-32 से भाजपा पार्षद व सीनियर डिप्टी मेयर जसमानप्रीत सिंह भी अब अपने मौजूदा वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
तीन वार्डों के एससी महिला के लिए आरक्षित होने से वहां अब केवल एससी महिला प्रत्याशी ही मैदान में उतर सकेंगी। इसके साथ ही नौ वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से कई पुरुष पार्षदों को भी अपनी सीट छोड़नी पड़ेगी। कुल मिलाकर इस आरक्षण ड्रॉ ने चुनाव से पहले ही नगर निगम की सियासत में बड़े फेरबदल के संकेत दे दिए हैं।