दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 27 सितंबर: प्रीपेड मोबाइल यूजर्स को अब बार-बार रिचार्ज की टेंशन और बिना जरूरत डेटा के लिए पैसे देने से राहत मिल सकती है। खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए यह बदलाव फायदेमंद होगा, जो फोन का इस्तेमाल सिर्फ कॉल करने के लिए करते हैं और उन्हें इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती।
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि सरकार ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (30वां संशोधन) रेगुलेशन, 2026 लागू कर दिया है। इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज प्लान और सिर्फ वॉयस व SMS वाले प्लान देना होगा।
अब साल में 13 की जगह 12 रिचार्ज
राघव चड्ढा ने अपनी पोस्ट में बताया कि इस बदलाव से उपभोक्ताओं को साल में 13 बार मासिक रिचार्ज कराने की बजाय 12 बार में ही काम चलाने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने लिखा कि लोगों ने उनसे सीमित और महंगे रिचार्ज विकल्पों को लेकर शिकायत की थी। इसी मुद्दे को उन्होंने 11 मार्च को राज्यसभा में उठाया था और मांग की थी कि ग्राहकों को ज्यादा विकल्प और सस्ती सेवाएं दी जाएं।
बुजुर्गों और सिर्फ कॉलिंग करने वालों को सीधा लाभ
इस नए नियम का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो स्मार्टफोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते या बहुत कम करते हैं। बड़ी संख्या में बुजुर्ग मोबाइल का उपयोग केवल परिवार से बात करने के लिए करते हैं। ऐसे यूजर्स के लिए डेटा वाले महंगे पैक की जगह केवल कॉलिंग और SMS वाला प्लान ज्यादा किफायती और उपयोगी रहेगा।
प्रीपेड यूजर्स लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। जिनका इस्तेमाल सिर्फ कॉलिंग तक सीमित है, उनके लिए डेटा के साथ आने वाला प्लान अतिरिक्त खर्च जैसा लगता है।
रिचार्ज का कैलेंडर भी होगा आसान
30 दिन की वैधता वाला प्लान आने से मासिक रिचार्ज और कैलेंडर महीने के बीच का अंतर भी कम हो जाएगा। अभी 28 दिन वाले प्लान की वजह से साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। नए विकल्प से यूजर अपने बजट और जरूरत के मुताबिक प्लान चुन पाएंगे।
राघव चड्ढा ने इस फैसले के लिए सरकार और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) का आभार जताया है और कहा कि इससे उपभोक्ताओं को ज्यादा सुविधा और विकल्प मिलेंगे।