चंडीगढ़ 20 जनवरी 2026 ( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ में Punjab and Haryana High Court ने कर्मचारियों को नियमित करने के मामले में यू-टर्न लेने पर पनग्रेन (PUNSUP) को कड़ी फटकार लगाते हुए उसकी सभी अपीलें खारिज कर दी हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि एक बार नियमित नियुक्ति दे दी जाए तो बिना ठोस और न्यायसंगत कारण के वेतनमान व अन्य लाभ वापस नहीं लिए जा सकते।खंडपीठ में शामिल जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपक मनचंदा ने अपने आदेश में कहा कि निगम की कार्रवाई मनमानी, भेदभावपूर्ण और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। अदालत ने 2016-17 में नियमित किए गए कर्मचारियों को 10,300-34,800 रुपये का वेतनमान, 4,400 रुपये ग्रेड पे तथा सभी भत्ते और परवर्ती लाभ देने के एकल न्यायाधीश के फैसले को बरकरार रखा।मामला वर्ष 2009-11 के बीच पारदर्शी विज्ञापन प्रक्रिया से भर्ती कर्मचारियों से जुड़ा है। ये कर्मचारी पहले अनुबंध आधार पर कार्यरत थे और बाद में दिसंबर 2016 व जनवरी 2017 में उन्हें नियमित नियुक्ति पत्र जारी किए गए। निगम के निदेशक मंडल ने 2011 की नियमितीकरण नीति को अपनाते हुए तीन वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को नियमित करने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन नियमित वेतनमान जारी नहीं किया गया।वर्ष 2020-21 में प्रबंध निदेशक ने बोर्ड की मंजूरी के बिना पहले दिए गए लाभ वापस लेने के आदेश जारी कर दिए, जिसके खिलाफ कर्मचारियों ने अदालत का रुख किया। अब हाईकोर्ट के फैसले से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
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