सिरसा 5 जनवरी( दैनिक खबरनामा )डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आने के बाद सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय पहुंच गया है। यह 15वीं बार है जब राम रहीम को जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। वह साध्वियों से यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में सजा काट रहा है।जानकारी के अनुसार, राम रहीम को प्रशासन की ओर से निर्धारित शर्तों के तहत अस्थायी रिहाई दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद वह सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय पहुंचा, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। डेरा परिसर और उसके आसपास पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।गंभीर मामलों में सजा काट रहा है राम रहीमगौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को वर्ष 2017 में दो साध्वियों के साथ यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी वह दोषी करार दिया जा चुका है और इस केस में भी वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।इन मामलों में सजा मिलने के बाद राम रहीम को हरियाणा की सुनारिया जेल में रखा गया है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में उसे बार-बार पैरोल और फरलो की अनुमति मिलती रही है, जिस पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल भी उठाए हैं।पहले भी मिल चुकी है पैरोल और फरलोआधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह 15वीं बार है जब राम रहीम जेल से बाहर आया है। इससे पहले भी उसे विभिन्न कारणों से पैरोल और फरलो दी जा चुकी है, जिनमें धार्मिक आयोजनों और निजी कारणों का हवाला दिया गया था। हर बार प्रशासन की ओर से यह कहा गया कि कानून के तहत ही उसे अस्थायी राहत दी गई है।प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्था कड़ीराम रहीम के सिरसा पहुंचने के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। डेरा सच्चा सौदा के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी तरह की भीड़ जुटाने या सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है।विवादों में रहा है डेरा प्रमुख डेरा सच्चा सौदा प्रमुख लंबे समय से विवादों में रहा है। 2017 में उसकी सजा के बाद हरियाणा और पंजाब में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
प्रशासन का कहना है कि राम रहीम को दी गई रिहाई पूरी तरह नियमों के अनुसार है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।