पंजाब 6 जनवरी( दैनिक खबरनामा )अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सिख संस्थानों के खिलाफ दिए गए कथित बयानों पर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किए जाने से आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नियंत्रण वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के बीच टकराव एक बार फिर सामने आ गया है।पिछले करीब दो महीनों से AAP और अकाली दल के बीच राजनीतिक तनातनी जारी है। इसकी शुरुआत तब हुई जब तरनतारन उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल, सत्तारूढ़ AAP के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा।अकाल तख्त के निर्देशों के बाद AAP के महासचिव बलतेज पन्नू ने द ट्रिब्यून से बातचीत में कहा कि पार्टी अकाल तख्त और जत्थेदार का पूरा सम्मान करती है।उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान अकाल तख्त के जत्थेदार के समक्ष पेश होंगे, जैसे पहले हमारे अन्य मंत्रियों ने समन मिलने पर पेशी दी थी। हम शिरोमणि अकाली दल की तरह SGPC को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करते।”
बीते एक महीने से AAP और SGPC के बीच सीधे टकराव की स्थिति बनी हुई है। 328 लापता सरूपों (पवित्र ग्रंथों की प्रतियां) के मामले में FIR दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है।