चंडीगढ़ 7 जनवरी (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ में वाहनों की संख्या इंसानी आबादी से कहीं आगे निकल चुकी है। केंद्र शासित प्रदेश में जहां अनुमानित जनसंख्या करीब 13 लाख है, वहीं पंजीकृत वाहनों की कुल संख्या लगभग 15 लाख तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा शहर में तेजी से बढ़ते मोटराइजेशन की साफ तस्वीर पेश करता है।रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (RLA) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में ही 2,21,497 नए वाहन शहर में पंजीकृत हुए हैं। इस दौरान सबसे अधिक बढ़ोतरी दोपहिया वाहनों की रही, जिसने कुल वाहन संख्या में बड़ा योगदान दिया।
तेजी से बढ़ते वाहन पंजीकरण के चलते आरएलए का राजस्व भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ वर्षों में आरएलए को 1,448 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों की यह बेतहाशा बढ़ोतरी न केवल ट्रैफिक दबाव बढ़ा रही है, बल्कि पार्किंग, प्रदूषण और सड़क सुरक्षा जैसी चुनौतियों को भी गंभीर बना रही है। प्रति व्यक्ति वाहन घनत्व के मामले में चंडीगढ़ देश के अग्रणी शहरों में शामिल होता जा रहा