उत्तर प्रदेश 12 जनवरी( दैनिक खबरनामा)उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में कुछ ऐसे अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने बेहद कम समय में बड़ी ऊंचाइयों को छुआ, लेकिन उतनी ही तेजी से वे विवादों के भंवर में भी फंस गए। वर्ष 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इस सूची में प्रमुख रूप से गिने जाते हैं।बिहार के एक साधारण परिवार में जन्मे अभिषेक प्रकाश ने आईआईटी रुड़की से बीटेक किया और यूपीएससी परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा। अपने शुरुआती करियर में वे एक तेज-तर्रार और भरोसेमंद अधिकारी के रूप में पहचाने गए।आरोपों में घिरने से पहले अभिषेक प्रकाश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी और विश्वसनीय अफसर माने जाते थे। इसके अलावा वे लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) जैसे अत्यंत प्रभावशाली पद पर भी लंबे समय तक तैनात रहे, जहां उनकी प्रशासनिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती थी।हालांकि, बाद में उन पर 5 प्रतिशत कमीशन से जुड़े गंभीर आरोप लगे, जिनकी वजह से उनका चमकता करियर दांव पर लग गया। बताया जाता है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी आईएएस पत्नी ने भी उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर भेजे जाने की सलाह दी थी, लेकिन हालात संभलने के बजाय और बिगड़ते चले गए।