चंडीगढ़ 15 जनवरी (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिस और CBI अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और फर्जी गिरफ्तारी का भय दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करते थे। इस मामले में एक पीड़ित से 38 लाख रुपये की ठगी की गई।पुलिस के अनुसार, पीड़ित को पहले अज्ञात नंबरों से कॉल कर बताया गया कि उसका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए “कोलाबा मुंबई पुलिस” और “CBI डायरेक्टर” बनकर धमकाया गया। गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की धमकी देकर पीड़ित से RTGS के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराए गए।जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों से निकालकर USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था। इसके लिए कई फर्जी बैंक खाते, ATM कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने पंजाब, चंडीगढ़ और तमिलनाडु से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों में वीना रानी, सतनाम सिंह, सुखदीप सिंह उर्फ सुख, धरमिंदर सिंह उर्फ लड्डी, मुकेश उर्फ प्रिंस और फजल रॉकी शामिल हैं। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, ATM कार्ड, पासबुक, चेक बुक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।चंडीगढ़ पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी फोन या व्हाट्सएप पर पैसे नहीं मांगती। फर्जी गिरफ्तारी वारंट या वीडियो कॉल से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दें। मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य लिंक भी खंगाले जा रहे हैं।
You May Also Like
मोहाली में वेरका की नई पहल: मोबाइल वैन से मिलेगा सस्ता खुला दूध, प्लास्टिक कचरा घटाने पर जोर
- Editorial Team
- June 7, 2026
बलटाना के वार्ड-4 में सड़क पर बना खतरनाक गड्ढा, स्थानीय निवासियों में चिंता
- Editorial Team
- June 9, 2026
विश्व साइकिल दिवस पर एमसीएम की साइकिल रैली, दिया हरित और स्वस्थ भविष्य का संदेश
- Editorial Team
- June 3, 2026
एमसीएम ने सत्र 2026–27 के लिए कॉलेज एवं छात्रावास प्रॉस्पेक्टस जारी किए
- Editorial Team
- June 4, 2026