चंडीगढ़, 18 जनवरी (जगदीश कुमार)चंडीगढ़ में इस सप्ताह एक बड़ा नागरिक और पशु कल्याण संकट सामने आया, जब शहर का एकमात्र आधुनिक पशु शव दहन (इंसिनरेटर) प्लांट महज चार महीने में ही खराब होकर बंद हो गया। करीब ₹2 करोड़ की लागत से बने इस संयंत्र के ठप होने से चार दिनों में 66 मृत पशुओं का निस्तारण नहीं हो सका, जिससे भारी जन आक्रोश फैल गया।रैपुर कलां गौशाला में स्थित यह इंसिनरेटर प्लांट 12 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शुरू किया गया था और इसका संचालन एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा था। 10 से 13 जनवरी 2026 के बीच संयंत्र पूरी तरह से बंद हो गया। इस दौरान कुल 76 मृत पशु यहां लाए गए, जिनमें से 10 का ही दहन हो पाया, जबकि शेष 66 शव परिसर में पड़े रहे।
राज्यपाल-प्रशासक ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने तत्काल संज्ञान लेते हुए डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव के माध्यम से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। जांच का उद्देश्य कारणों का पता लगाना, जिम्मेदारी तय करना और आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करना है। जांच फिलहाल जारी है।तकनीकी खराबी बनी वजहनगर निगम आयुक्त अमित कुमार की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि संयंत्र में अधिक गर्मी के कारण तीन अहम धातु प्लेट जल गईं, जिससे प्लांट बंद हो गया। निजी कंपनी के इंजीनियर ने अधिकारियों को बताया कि इन प्लेटों को बदलने के लिए गुजरात से नए पार्ट मंगवाने पड़े।
गहरे गड्ढों में किया गया वैज्ञानिक तरीके से दफन
इंसिनरेटर बंद होने के बाद नियमों के अनुसार पशु शवों को गहरे गड्ढे खोदकर दफन किया गया। मजिस्ट्रियल निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। रिपोर्ट में अधिकांश पशुओं की मौत का कारण प्लास्टिक कचरा निगलने से आंतों में रुकावट और अत्यधिक मौसमीय परिस्थितियां बताया गया।हंगामा,मारपीट और कार्रवाई 13 जनवरी की रात स्थिति तब और बिगड़ गई जब 25-30 लोगों के एक समूह ने जबरन परिसर में घुसकर कर्मचारियों से मारपीट की। इस मामले में 14 जनवरी को डीडीआर दर्ज की गई।जन आक्रोश के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, जिनमें प्लांट प्रभारी पशु चिकित्सक, दो सेनेटरी इंस्पेक्टर, एक सुपरवाइजर और पांच मल्टी-टास्किंग स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ डॉ. इंदरदीप कौर को निलंबित किया गया है। निजी ठेकेदार एम/एस राधिका एंटरप्राइजेज को ब्लैकलिस्ट करने का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।लापरवाही बर्दाश्त नहीं’कटारिया प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा,इस तरह की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई की गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।”जल्द शुरू होगा प्लांटनगर निगम अधिकारियों के अनुसार जली हुई प्लेटों को बदले जाने का कार्य अंतिम चरण में है और इंसिनरेटर प्लांट के दोबारा शुरू होने की संभावना है। बीते एक सप्ताह में मृत पशुओं की संख्या करीब 80 तक पहुंच चुकी है।

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