दैनिक खबरनामा । नई दिल्ली, 24 जून : भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को यूनाइटेड किंगडम में बड़ा कानूनी झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को 10.7 मिलियन डॉलर (करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक) की बकाया राशि चुकाने का आदेश दिया है। यह मामला उनकी कारोबारी समूह से जुड़ी कंपनी को दिए गए ऋण से संबंधित है।

दुबई स्थित कंपनी के लोन से जुड़ा है विवाद

यह कानूनी विवाद दुबई की कंपनी फायरस्टार डायमंड FZE को दिए गए ऋण से जुड़ा है, जिसे नीरव मोदी के कारोबारी नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है। बैंक ऑफ इंडिया का दावा था कि ऋण के लिए नीरव मोदी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी, इसलिए बकाया भुगतान की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।

हालांकि, नीरव मोदी ने ब्रिटेन की अदालत में इस दावे को चुनौती दी और मामले की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से भी अदालत में पेश हुए। लेकिन विस्तृत सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया और उसके दावे को सही ठहराया।

बैंक के लिए बड़ी कानूनी जीत

अदालत के फैसले के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया को ब्रिटेन में उपलब्ध कानूनी प्रक्रियाओं के तहत बकाया राशि की वसूली का अधिकार मिल गया है। इसे सरकारी बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

प्रत्यर्पण रोकने की कोशिश भी हुई नाकाम

इस वर्ष मार्च में भी नीरव मोदी को बड़ा झटका लगा था, जब लंदन हाई कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत के इस निर्णय ने उन पूर्व आदेशों को बरकरार रखा, जिनके तहत भारत को उनके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ माना गया था।

मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तारी के बाद से नीरव मोदी ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। इस दौरान उनकी कई जमानत याचिकाएं भी अदालतों द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।

पीएनबी घोटाले के प्रमुख आरोपी हैं नीरव मोदी

नीरव मोदी 2018 में सामने आए बहुचर्चित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। भारत की जांच एजेंसियां, जिनमें Central Bureau of Investigation (CBI) और Enforcement Directorate (ED) शामिल हैं, उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगा चुकी हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, हजारों करोड़ रुपये के इस घोटाले में बैंकिंग गारंटी (Letter of Undertaking) का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया था, जिससे भारतीय बैंकिंग प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा।

लंदन हाई कोर्ट का ताजा फैसला नीरव मोदी के लिए एक और कानूनी झटका माना जा रहा है और इससे भारत में उनके खिलाफ चल रहे मामलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

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