चंडीगढ़ 12 फ़रवरी 2026 (दैनिक खबरनामा )चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक सेवा संबंधी मामले में 23 वर्षों तक न्याय के इंतजार और अपील के निस्तारण में करीब 19 साल की देरी पर गहरी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार को संबंधित उम्मीदवार को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने साफ कहा कि यदि आदेश के पालन में किसी भी प्रकार की देरी हुई तो राज्य सरकार पर 5 लाख रुपये की लागत लगाई जाएगी।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में वर्षों तक लंबित रहने से याचिकाकर्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अदालत ने टिप्पणी की कि न्यायिक प्रक्रिया में अत्यधिक देरी से न्याय का उद्देश्य प्रभावित होता है और व्यक्ति अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित रह जाता है।
मामले में बताया गया कि उम्मीदवार ने वर्ष 2003 में अपनी माता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए सिविल वाद दायर किया था। उसकी माता गोहाना स्थित पशु चिकित्सालय में कार्यरत थीं। शुरुआत में दत्तक ग्रहण को कानूनी मान्यता न मिलने के कारण नियुक्ति विवादित रही।हालांकि वर्ष 2006 में सिविल कोर्ट ने उम्मीदवार के पक्ष में फैसला सुनाया और राज्य की अपील भी खारिज कर दी गई थी। इसके बावजूद वर्ष 2007 में दायर अपील का फैसला अब जाकर आया, जिसे हाईकोर्ट ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

चंडीगढ़ में पार्किंग पर राहत सालाना पास पर ₹600 तक की छूट, ‘वन पास’ स्कीम भी लागू

दैनिक खबरनामा 5 मार्च 2026 चंडीगढ़ नगर निगम शहरवासियों को पार्किंग शुल्क…
Share to :

ODF दावों की खुली पोल सेक्टर-7 बूथ मार्केट में 10 साल से बंद शौचालय, गंदगी से लोग परेशान

चंडीगढ़ 17 मार्च 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ शहर को खुले में शौच…
Share to :

बालटाना में रायपुर कलां हरमिलाप नगर आरयूबी प्रोजेक्ट में देरी की आशंका, यूटी प्रशासन ने अब तक नहीं जमा किए 6.40 करोड़ रुपये

चंडीगढ़ 15 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ के बालटाना स्थित रायपुर कलां–हरमिलाप…
Share to :

शैक्षणिक संस्थानों में ‘प्रधानी’ संस्कृति पर हाईकोर्ट सख्त, पंजाब सरकार को दो माह में निर्णय का आदेश

चंडीगढ़ 24 फ़रवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ हाईकोर्ट पंजाब के स्कूलों और…
Share to :