नई दिल्ली 27 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) नई दिल्ली संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने गुरुवार को दो राष्ट्रव्यापी अभियानों की घोषणा करते हुए राज्य सरकारों पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करने के लिए दबाव बनाने का फैसला किया है। संगठन ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पद से हटाने की मांग भी उठाई है। एसकेएम का कहना है कि यह समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।एसकेएम ने बताया कि उसकी राज्य और राष्ट्रीय समितियों के प्रतिनिधिमंडल सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं से मिलेंगे। इन बैठकों में विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की जाएगी, ताकि किसान संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जा सकें। संगठन ने राज्य सरकारों से केंद्र पर दबाव बनाने का आग्रह किया है कि वह अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करे।ज्ञापन में एसकेएम ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि वित्त मंत्रालय द्वारा राज्यों को गेहूं और धान पर बोनस भुगतान समाप्त करने संबंधी जारी पत्र को वापस लिया जाए। संगठन ने आरोप लगाया कि यह कदम किसानों की आय पर सीधा असर डालेगा।गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने हाल ही में एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई है, जिसके तहत वाशिंगटन टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है। इस रूपरेखा को कानूनी दस्तावेज का रूप देकर पहले चरण के द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने हैं।इसके अलावा एसकेएम ने चारों नए श्रम कानूनों और वीबीजीआरएएमजी अधिनियम को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही, अब निरस्त हो चुके महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को बहाल करने की भी अपील की है। संगठन ने संविधान के तहत कृषि को राज्य का विषय बताते हुए सभी फसलों के लिए 2+50 प्रतिशत फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, सुनिश्चित खरीद और व्यापक कर्ज माफी की मांग दोहराई है।