दैनिक खबरनामा 15 मार्च 2026 फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस रणनीतिक द्वीप पर संभावित हमले या कब्जे की अटकलों ने वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है। द्वीप के पूर्वी तट पर बने बड़े बंदरगाह से रोजाना लगभग 10 विशाल तेल टैंकरों में करीब 70 लाख बैरल तक कच्चा तेल लोड किया जा सकता है। इसी वजह से इसे ईरान की तेल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।इतिहास में भी खार्ग द्वीप का रणनीतिक महत्व रहा है। 16वीं सदी में पुर्तगाली नाविकों ने इसे नौसैनिक अड्डे की तरह इस्तेमाल किया। 18वीं सदी में डचों ने यहां किलेबंदी की, जबकि 19वीं सदी में कुछ समय तक ब्रिटिश कब्जा भी रहा। 20वीं सदी में मोहम्मद रजा शाह पहलवी के शासन में यहां तेल भंडारण और निर्यात से जुड़ा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया।
1960 के दशक में अमेरिकी कंपनी Amoco के साथ मिलकर खार्ग को प्रमुख ऑयल टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया था। हालांकि 1979 की ईरानी इस्लामी क्रांति के बाद नई सरकार ने विदेशी कंपनियों की संपत्तियां जब्त कर लीं और द्वीप पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में आ गया।हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रम्प के दौर की नीतियों का हवाला देते हुए कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि अमेरिका फारस की खाड़ी में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेज सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खार्ग द्वीप के तेल भंडारण या निर्यात ढांचे पर हमला होता है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर तुरंत पड़ सकता है। ऐसे में यह द्वीप न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बेहद अहम बन जाता है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

धरती पर बढ़ सकता है गर्मी का कहर

दैनिक खबरनामा ब्यूरो| जिनेवा, 2 जून: वैश्विक मौसम प्रणाली में बड़े बदलाव…
Share to :

ईरानी एलपीजी नेटवर्क पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, बांग्लादेश को आपूर्ति के आरोप में लगाए व्यापक प्रतिबंध

दैनिक खबरनामा। वाशिंगटन, 6 जून 2026: अमेरिका ने ईरान के एक कथित…
Share to :

भारत-ओमान आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू, सीईपीए लागू होते ही निर्यातकों के लिए खुले बड़े अवसर

दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 1 जून : भारत और ओमान के बीच…
Share to :

अमेरिका बना दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक, सऊदी अरब और रूस को पीछे छोड़ा

दैनिक खबरनामा ब्यूरो। ह्यूस्टन, 11 जून : कभी अरब देशों के तेल प्रतिबंध…
Share to :