दैनिक खबरनामा 23 मार्च 2026 Pakistan Super League (पीएसएल) का 11वां सीजन गुरुवार से लाहौर में शुरू हो रहा है, लेकिन Indian Premier League (आईपीएल) के साथ टकराव इसके लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आईपीएल की अधिक लोकप्रियता और ऊंचे वेतन पैकेज के कारण विदेशी खिलाड़ी पीएसएल से दूरी बना रहे हैं, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की चिंताएं बढ़ गई हैं।इस सीजन से पहले कई विदेशी खिलाड़ियों ने पीएसएल से अपना नाम वापस ले लिया है। इनमें Gudakesh Motie, Jake Fraser-McGurk, Ottniel Baartman और Spencer Johnson शामिल हैं। हालांकि ज्यादातर खिलाड़ियों ने निजी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि आईपीएल में संभावित मौके भी इसकी बड़ी वजह हैं।पीएसएल इस बार दो नई फ्रेंचाइजी के साथ विस्तार कर रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स और अनुबंध प्रबंधन की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। लीग 3 मई तक चलेगी, जबकि आईपीएल 28 मार्च से शुरू होकर मई के अंत या जून की शुरुआत तक जारी रह सकता है, जिससे दोनों टूर्नामेंट एक साथ चलेंगे।सूत्रों के मुताबिक, पीसीबी खिलाड़ियों द्वारा अनुबंध तोड़ने और अंतिम समय में फीस बढ़ाने की मांग से भी परेशान है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर भी इस पर देखा जा रहा है।पीसीबी के भीतर खिलाड़ियों पर 2 से 4 साल का प्रतिबंध लगाने पर चर्चा हुई है, लेकिन बोर्ड इस कदम से बचता दिख रहा है। डर यह है कि सख्त कार्रवाई से भविष्य में बड़े विदेशी खिलाड़ी पीएसएल से और दूर हो सकते हैं।वहीं,आर्थिक अंतर भी एक बड़ी समस्या है। आईपीएल में खिलाड़ियों को ज्यादा पैसे मिलते हैं, जबकि पीएसएल फ्रेंचाइजी इस मुकाबले में कमजोर पड़ रही हैं।इस बीच कुछ बड़े खिलाड़ी जैसे Steve Smith, Marnus Labuschagne, Mark Chapman और Devon Conway पीएसएल में भाग लेने के लिए लाहौर पहुंच चुके हैं।पीसीबी इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है, ताकि खिलाड़ियों के अनुबंधों को लेकर एक मजबूत वैश्विक ढांचा तैयार किया जा सके।
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- Dainik Khabarnama
- December 16, 2025