पंजाब 24 मार्च 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब में विश्व टीबी दिवस के अवसर पर आज जिले की विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन और टीबी नोडल अधिकारी डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को तपेदिक (टीबी) के कारणों, लक्षणों, बचाव और इलाज के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि टीबी बीमारी के पूर्ण उन्मूलन के लिए लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी के घर, आसपास या रिश्तेदारी में किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत सरकारी स्वास्थ्य संस्था में जांच के लिए ले जाया जाए।डॉ. जैन ने बताया कि टीबी का पक्का इलाज उपलब्ध है और इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉट्स (DOTS) प्रणाली के तहत इसका इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, तब टीबी जैसी गंभीर बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को कभी भी हो सकती है।अधिकारियों ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन घटना, भूख कम लगना, बलगम में खून आना, शाम के समय बुखार, थकान महसूस होना और बार-बार पसीना आना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।इस अवसर पर नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों ने टीबी जागरूकता को लेकर आकर्षक रंगोली और पोस्टर बनाए, जबकि विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।