दैनिक खबरनामा 8 मार्च 2026 हरियाणा में रबी फसलों की खरीद के दौरान किसानों को फसल सत्यापन से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने पंचकूला सेक्टर-6 स्थित मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां किसान टोल फ्री नंबर 18001802060 पर कॉल कर समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
1 अप्रैल से मंगलवार तक कंट्रोल रूम पर कुल 842 कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत कॉल फसल सत्यापन से संबंधित थीं। प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 112 मंडियों में सरसों की खरीद जारी है। कंट्रोल रूम में 10 कर्मचारी तैनात हैं और यह सेवा सोमवार से शनिवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध है।किसानों की सबसे बड़ी समस्या मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज फसल और वास्तविक उत्पादन में अंतर को लेकर सामने आ रही है। उदाहरण के तौर पर रोहतक के एक किसान ने 7 एकड़ फसल दर्ज की, लेकिन सिस्टम में केवल 1.5 एकड़ उत्पादन दिखा। वहीं झज्जर के किसान को 30 एकड़ से अधिक फसल के सत्यापन में दिक्कत आई।सरकार द्वारा फसल सत्यापन तीन स्तरों पर किया जा रहा है—कृषि विभाग, राजस्व विभाग और हरसेक के माध्यम से। यदि इनमें से किसी भी दो सत्यापन में समानता होती है तो गेटपास जारी कर दिया जाता है, लेकिन तीनों में अंतर होने पर दोबारा जांच के बाद ही गेटपास बनता है।विभाग के अनुसार, 30 एकड़ से अधिक फसल का सत्यापन एसडीएम स्तर पर किया जाता है, जबकि इससे कम क्षेत्र का सत्यापन पटवारी और राजस्व टीम ई-गिरदावरी के जरिए करती है। बढ़ती आवक के साथ किसानों की समस्याएं और कॉल की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।