दैनिक खबरनामा 13 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगपतियों को राहत देने की दिशा में प्रशासन ने अहम पहल की है। इंडस्ट्रियल प्लॉट्स का फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ाने से जुड़ी सिफारिशों वाली रिपोर्ट प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को सौंप दी गई है। अब इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही लंबे समय से लंबित उद्योगपतियों की मांग पूरी होने की उम्मीद है।डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में FAR बढ़ाने के अहम सुझाव दिए हैं। इसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया के फेज-1 और फेज-2 में FAR को 0.75 से बढ़ाकर 2 करने की सिफारिश की गई है, जबकि फेज-3 में इसे 2.50 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।FAR बढ़ने से प्लॉट्स का कवर एरिया बढ़ेगा, जिससे उद्योगों को काम के लिए अधिक जगह मिलेगी। इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और कारोबार को गति मिलेगी। साथ ही प्रशासन के राजस्व में भी इजाफा होने की संभावना है। कमेटी ने सेंट्रल कोर्टयार्ड की अनिवार्यता खत्म करने का सुझाव भी दिया है, जिसकी जगह आगे और पीछे सेटबैक रखने का प्रावधान होगा। इससे नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कमी आएगी।
इसके अलावा, दो कनाल तक के प्लॉट्स पर आर्किटेक्चरल कंट्रोल की बजाय जोनिंग पैरामीटर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे जमीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। प्रशासन फेज-3 के विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है और जल्द ही नए प्लॉट्स की ई-नीलामी शुरू करने की तैयारी है।पड़ोसी क्षेत्रों जैसे मोहाली,पंचकूला और बद्दी में पहले से अधिक FAR होने के कारण चंडीगढ़ के उद्योग प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में FAR बढ़ने से स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और उद्योगों का पलायन भी रुकेगा।