दैनिक खबरनाम 23 अप्रैल 2026 एस ए एस नगर, राज्य में औद्योगिक कामगारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने और उनकी भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब श्रम कल्याण बोर्ड ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 7831 लाभार्थियों को 17.11 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।बोर्ड की गतिविधियों और प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंजाब के श्रम मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने इन प्रयासों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जागरूकता अभियानों में तेजी लाई जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र कामगार इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। मंत्री ने कहा कि जागरूकता की कमी अक्सर कामगारों को उपलब्ध योजनाओं का लाभ लेने से रोकती है।मंत्री ने बताया कि पंजाब श्रम कल्याण फंड एक्ट, 1965 के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में काम करने वाले औद्योगिक कामगार बोर्ड की योजनाओं के लाभ के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कामगारों और उनके परिवारों की सहायता के लिए चलाई जा रही हैं।बोर्ड की योजनाओं में चिकित्सा उपचार और सामान्य सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता, एक्स-ग्रेशिया ग्रांट, अंतिम संस्कार खर्च, एलटीसी, मातृत्व लाभ और मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग कामगारों के लिए सहायता शामिल है। इसके अलावा, कामगार शगुन योजना, चश्मा सहायता, दंत चिकित्सा, श्रवण यंत्र सहायता, शिक्षा व दिव्यांगता मुआवजा जैसी अन्य योजनाओं का भी लाभ ले सकते हैं।मंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हर पात्र कामगार तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो और जरूरत के समय उन्हें सुरक्षा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से जागरूकता कैंप और सरल आवेदन प्रक्रियाएं अपनाने की अपील की, ताकि योजनाओं का दायरा और प्रभाव बढ़ाया जा सके।पंजाब सरकार अपने विकास एजेंडा के तहत श्रम कल्याण को प्राथमिकता दे रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि औद्योगिक कामगारों को आवश्यक सहायता और सम्मान मिले।