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दैनिक खबरनामा | 9 अगस्त | नई दिल्ली: भारतीय बैडमिंटन के लिए रविवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। असम की 26 वर्षीय शटलर अश्मिता चालिहा ने दक्षिण कोरिया के आसान में खेले गए कोरिया मास्टर्स 2026 के महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया। यह उनके करियर की पहली BWF वर्ल्ड टूर ट्रॉफी है। फाइनल में अश्मिता ने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त और वर्ल्ड नंबर-35 खिलाड़ी हान कियान शी को 53 मिनट तक चले मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से शिकस्त दी।

फाइनल की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। हान कियान शी ने शुरुआती गेम में आक्रामक रवैया अपनाया और लंबी रैलियों में बढ़त बनाते हुए 21-14 से गेम अपने नाम कर लिया। अश्मिता को पहले गेम में लगातार दबाव का सामना करना पड़ा।

हालांकि, दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने रणनीति बदली और मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। उन्होंने रैलियों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया और चीनी खिलाड़ी को आसान अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया। अश्मिता ने दूसरा गेम भी 21-14 से जीतकर मैच में वापसी की और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अश्मिता ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा। उनकी आक्रामकता और सटीक शॉट्स के सामने हान कियान शी दबाव में नजर आईं। भारतीय खिलाड़ी ने तीसरा गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया और पहली बार BWF वर्ल्ड टूर चैंपियन बनने की उपलब्धि हासिल की।

क्वार्टर फाइनल में किया बड़ा उलटफेर

अश्मिता के लिए कोरिया मास्टर्स का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। क्वार्टर फाइनल में उनके सामने जापान की टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर-22 हिना अकेची थीं। अश्मिता ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और 20-22, 21-15, 21-19 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

सेमीफाइनल में हमवतन को हराया

सेमीफाइनल में अश्मिता का सामना भारत की ही रक्षिता रामराज से हुआ। तीन गेम तक चले इस ऑल-इंडियन मुकाबले में अश्मिता ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 21-13, 16-21, 21-13 से जीत दर्ज की और फाइनल का टिकट हासिल किया।

चोट से वापसी के बाद बड़ी उपलब्धि

अश्मिता के लिए यह खिताब इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह हाल ही में चोट के कारण लंबे समय तक कोर्ट से बाहर रही थीं। दाएं घुटने में टियर के चलते उन्हें करीब तीन महीने तक बैडमिंटन से दूर रहना पड़ा था। उन्होंने मई में प्रतिस्पर्धी कोर्ट पर वापसी की और वापसी के कुछ ही महीनों बाद BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीतकर अपनी फिटनेस और फॉर्म का शानदार परिचय दिया।

BWF Super 300 श्रेणी के कोरिया मास्टर्स में चैंपियन बनना अश्मिता के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय दिया। खास तौर पर क्वार्टर फाइनल और फाइनल में पहला गेम हारने के बाद मुकाबले में वापसी करना उनके मजबूत मानसिक खेल को दर्शाता है।

चीन की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हान कियान शी को फाइनल में हराकर अश्मिता चालिहा ने अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह जीत उनकी प्रतिभा, मेहनत और संघर्ष का परिणाम है और चोट के बाद उनकी वापसी को भी यादगार बना देती है।

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