पंजाब 23 फरवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) पंजाब के जालंधर। पंजाब में इन दिनों बम धमाकों की अफवाहों और धमकी भरे ईमेलों ने भय का माहौल बना दिया है। स्कूलों, सरकारी इमारतों और अदालत परिसरों को उड़ाने की धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि अधिकांश धमकियां जांच में झूठी साबित हुई हैं, लेकिन हालिया बरामदगियों और ग्रेनेड हमलों ने खतरे को वास्तविक बना दिया है।पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से साजिश रची जा रही है। अक्तूबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच पुलिस प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, निजी आवासों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाकर 16 ग्रेनेड हमले किए गए। अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और जालंधर जैसे सीमावर्ती जिलों में हुई घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले चंडीगढ़ के 30 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए। मोहाली के निजी स्कूलों और पंजाब सिविल सचिवालय को भी निशाना बनाया गया। एहतियातन छात्रों को बाहर निकालकर एंटी-सैबोटाज जांच कराई गई। फिरोजपुर अदालत परिसर में भी अफवाह से अफरातफरी मच गई।जांच में सामने आया है कि कई ईमेल विदेशी सर्वरों से भेजे गए, जिनमें बांग्लादेश के ढाका से जुड़े आईपी एड्रेस भी शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि अपराधी वीपीएन और एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अपनी पहचान छिपा रहे हैं।
इस बीच स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक बड़ी साजिश नाकाम करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर आरडीएक्स आधारित आईईडी बरामद की है। 2025 की रिपोर्ट के अनुसार 12 आतंकी मामलों का खुलासा, 19 मॉड्यूल ध्वस्त और 131 संदिग्धों की गिरफ्तारी की गई। बड़ी मात्रा में आरडीएक्स, ग्रेनेड, हथियार और डेटोनेटर भी जब्त किए गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह “लो-एफर्ट, हाई-इम्पैक्ट” रणनीति हो सकती है, जिसमें बिना विस्फोट के भी दहशत फैलाकर प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव बनाया जाता है। सवाल यही है—क्या ये घटनाएं अलग-अलग कड़ियां हैं या किसी बड़े पैटर्न का हिस्सा? फिलहाल पंजाब पुलिस सतर्क है और हर इनपुट पर गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।
पंजाब 23 फरवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) पंजाब के जालंधर। पंजाब में इन दिनों बम धमाकों की अफवाहों और धमकी भरे ईमेलों ने भय का माहौल बना दिया है। स्कूलों, सरकारी इमारतों और अदालत परिसरों को उड़ाने की धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि अधिकांश धमकियां जांच में झूठी साबित हुई हैं, लेकिन हालिया बरामदगियों और ग्रेनेड हमलों ने खतरे को वास्तविक बना दिया है।पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से साजिश रची जा रही है। अक्तूबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच पुलिस प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, निजी आवासों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाकर 16 ग्रेनेड हमले किए गए। अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और जालंधर जैसे सीमावर्ती जिलों में हुई घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले चंडीगढ़ के 30 स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए। मोहाली के निजी स्कूलों और पंजाब सिविल सचिवालय को भी निशाना बनाया गया। एहतियातन छात्रों को बाहर निकालकर एंटी-सैबोटाज जांच कराई गई। फिरोजपुर अदालत परिसर में भी अफवाह से अफरातफरी मच गई।जांच में सामने आया है कि कई ईमेल विदेशी सर्वरों से भेजे गए, जिनमें बांग्लादेश के ढाका से जुड़े आईपी एड्रेस भी शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि अपराधी वीपीएन और एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अपनी पहचान छिपा रहे हैं।
इस बीच स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक बड़ी साजिश नाकाम करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर आरडीएक्स आधारित आईईडी बरामद की है। 2025 की रिपोर्ट के अनुसार 12 आतंकी मामलों का खुलासा, 19 मॉड्यूल ध्वस्त और 131 संदिग्धों की गिरफ्तारी की गई। बड़ी मात्रा में आरडीएक्स, ग्रेनेड, हथियार और डेटोनेटर भी जब्त किए गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह “लो-एफर्ट, हाई-इम्पैक्ट” रणनीति हो सकती है, जिसमें बिना विस्फोट के भी दहशत फैलाकर प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव बनाया जाता है। सवाल यही है—क्या ये घटनाएं अलग-अलग कड़ियां हैं या किसी बड़े पैटर्न का हिस्सा? फिलहाल पंजाब पुलिस सतर्क है और हर इनपुट पर गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।