दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 8 जुलाई: घर और दुकानों में बिजली के उपकरण बढ़ाने से पहले सावधान हो जाएं। अगर आपने एसी, गीजर, इलेक्ट्रिक गाड़ी का चार्जर या दूसरे उपकरण लगवा लिए हैं, लेकिन बिजली विभाग से स्वीकृत लोड नहीं बढ़वाया है, तो आपका बिल दोगुना आ सकता है।
चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड यानी सीपीडीएल ने सभी उपभोक्ताओं को अलर्ट जारी किया है। कंपनी का कहना है कि निरीक्षण में पाया गया कि बड़ी संख्या में लोग तय सीमा से ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न सिर्फ वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
सीपीडीएल ने बताया कि संयुक्त विद्युत नियामक आयोग जेईआरसी ने 30 अक्टूबर 2025 को जो टैरिफ आदेश जारी किया था, उसके अनुसार अब तय लोड से अधिक खपत करने पर जुर्माने जैसी वसूली होगी। नियम के तहत अतिरिक्त लोड और उसके जरिए की गई बिजली की खपत पर सामान्य दर की दोगुनी दर से चार्ज लगेगा।
कंपनी ने इसे एक उदाहरण से समझाया। मान लीजिए किसी उपभोक्ता का मंजूर लोड 5 किलोवाट है, लेकिन मीटर में उसकी अधिकतम मांग 7 किलोवाट दर्ज होती है। ऐसे में 2 किलोवाट अतिरिक्त लोड माना जाएगा और इस अतिरिक्त 2 किलोवाट के साथ उससे जुड़ी जितनी यूनिट खर्च हुई हैं, उन सबका भुगतान दोगुने रेट पर करना पड़ेगा।
सीपीडीएल ने अपील की है कि उपभोक्ता अपनी मौजूदा जरूरत के हिसाब से लोड का आकलन करें। अगर जरूरत बढ़ गई है तो तुरंत ग्राहक सेवा केंद्र जाकर या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लोड बढ़ोतरी के लिए आवेदन दें।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण सीईए ने भी सलाह दी है कि उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को मंजूर सीमा के अंदर ही रखें और लोड बढ़ाने की जानकारी बिजली वितरण कंपनी को समय पर दें।