दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 29 मई : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने चंडीगढ़ में प्रस्तावित नए किराया नियमों के लागू होने पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह आदेश उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिनमें अधिवक्ताओं ने प्रशासन के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने प्रशासन को पूरे मामले पर दोबारा विचार करने के संकेत भी दिए हैं।
मामले में अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान समय में शहर में लागू किराया व्यवस्था के अंतर्गत मकान मालिक और किरायेदार से जुड़े विवाद न्यायिक अधिकारियों के समक्ष सुने जाते हैं। इन अधिकारियों को विधि संबंधी मामलों का अनुभव और कानूनी प्रक्रिया की गहरी जानकारी होती है, जिससे पक्षकारों को निष्पक्ष सुनवाई मिलती है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों की सुनवाई कार्यपालिका से जुड़े अधिकारियों के पास जाने की संभावना है। अधिवक्ताओं के अनुसार इससे कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और लोगों को न्याय प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि नई व्यवस्था लागू होने पर अधिवक्ताओं और आम नागरिकों दोनों को प्रशासनिक कार्यालयों के अधिक चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इस कारण न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल नए प्रावधानों के अमल पर रोक बनाए रखने का आदेश दिया है। अब प्रशासन को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए यह स्पष्ट करना होगा कि नई व्यवस्था किस आधार पर लागू की जा रही थी।