दैनिक खबरनामा। मोहाली, 13 अगस्त: अब मोहाली की सूरत भी चंडीगढ़ जैसी हरी-भरी नजर आएगी। शहर को सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए गमाडा ने करीब 15 करोड़ रुपये की मेगा योजना को अंतिम रूप दिया है।
इस योजना के तहत शहर की मुख्य सड़कों, ग्रीन बेल्ट, अंदरूनी मार्गों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर बड़े स्तर पर बागवानी और सौंदर्यीकरण के काम होंगे। गमाडा का फोकस सिर्फ नए पौधे लगाने पर नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक बचाए रखने पर भी है। इसलिए ज्यादातर प्रोजेक्ट में काम पूरा होने के बाद 3 साल तक देखभाल का इंतजाम भी रखा गया है।
कहां-कहां होगा काम
1. सेक्टर 76/77 से 88/89 जंक्शन तक
रेलवे लाइन की तरफ जाने वाली सेक्टर को बांटने वाली सड़कों पर हॉर्टिकल्चर का काम होगा। इस पर लगभग 4.65 लाख रुपये खर्च होंगे। इसे 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है और फिर 3 साल तक इसकी देखरेख होगी।
2. फेज-7/8 से फेज-8/9 लाइट प्वाइंट और सेक्टर-62
फेज-7/8 लाइट प्वाइंट से फेज-8/9 लाइट प्वाइंट तक के साथ-साथ सेक्टर-62 की ग्रीन बेल्ट और अंदरूनी सड़कों को सजाया जाएगा। अनुमानित लागत 3.91 लाख रुपये है। विकास में 6 महीने और रखरखाव में 3 साल लगेंगे।
3. बावा व्हाइट हाउस के पास एयरपोर्ट रोड
बावा व्हाइट हाउस के समीप से गुजरने वाली 300 फीट चौड़ी एयरपोर्ट रोड पर भी हरियाली विकसित की जाएगी। इसके लिए 3.88 लाख रुपये तय किए गए हैं। 6 महीने में काम पूरा होगा और उसके बाद 3 साल रखरखाव चलेगा।
4. आईटी सिटी, एसएएस नगर
आईटी सिटी की अंदरूनी सड़कों पर नए सिरे से पौधारोपण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का बजट 1.87 लाख रुपये है। काम 3 महीने में निपटेगा और 3 साल तक इसकी देखभाल होगी।
5. सेक्टर-67 का एन-चो
सेक्टर-67 स्थित एन-चो क्षेत्र में हॉर्टिकल्चर वर्क होगा। यह सबसे महंगी परियोजनाओं में से एक है जिसकी अनुमानित लागत 79.07 लाख रुपये है। इसे 3 महीने में तैयार कर 3 साल तक मेंटेन किया जाएगा।
6. पीआर-7 रोड और प्रमुख जंक्शन
पीआर-7 रोड पर गुरुद्वारा सोहाना साहिब के आसपास और 68/69/78/79 व 67/68/79/80 जंक्शन पर हरियाली का काम होगा। इस पर 55.61 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। विकास कार्य 3 महीने में पूरा होगा जबकि रखरखाव 1 साल तक किया जाएगा।
हरियाली के साथ सौंदर्य पर जोर
गमाडा अधिकारियों का कहना है कि इन सभी प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि शहर के मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों को आकर्षक बनाना भी है। इसी वजह से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कुल मिलाकर इस 15 करोड़ की योजना से आने वाले समय में मोहाली की सड़कें, डिवाइडर और खाली पड़ी जगहें हरियाली से ढक जाएंगी और शहर को चंडीगढ़ जैसी पहचान मिल सकेगी।