दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 10 जुलाई: घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की प्रमुख कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड ने स्मार्टफोन सेगमेंट में विस्तार के लिए चीनी कंपनी वीवो मोबाइल इंडिया के साथ हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों के बीच एक संयुक्त उपक्रम स्थापित करने का करार हुआ है।
समझौते की मुख्य बातें
इस करार के अंतर्गत एक नई जेवी कंपनी गठित की जाएगी। यह फर्म स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए ओईएम यानी अनुबंध पर विनिर्माण का काम देखेगी। नई इकाई में डिक्सन टेक्नोलॉजीज के पास 51 प्रतिशत शेयर होंगे, जिससे इसका नियंत्रण डिक्सन के पास रहेगा। वहीं वीवो मोबाइल इंडिया के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
सरकार से मिली मंजूरी
इस साझेदारी के लिए सबसे अहम कदम सरकार की मंजूरी थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डीपीआईआईटी ने 8 जुलाई, 2026 को ‘प्रेस नोट 3 (2020)’ के प्रावधानों के तहत इस जॉइंट वेंचर को अनुमति दे दी। इस स्वीकृति के बाद अब दोनों कंपनियां नई फर्म में पूंजी लगा सकेंगी और शेयर खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगी।
उद्देश्य और आगे की राह
डिक्सन का कहना है कि वीवो के साथ यह गठबंधन कंपनी की उत्पादन क्षमता और दक्षता को कई गुना बढ़ाएगा। इससे भारत में एंड्रॉइड स्मार्टफोन निर्माण के क्षेत्र में डिक्सन की भूमिका और मजबूत होगी। योजना के अनुसार यह नई कंपनी सिर्फ वीवो के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य ब्रांडों के ऑर्डर पर भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार करेगी।
पूंजी और बोर्ड संरचना
जेवी की शुरुआती चुकता पूंजी 5 करोड़ रुपये तय की गई है। दोनों भागीदार अपनी-अपनी हिस्सेदारी के हिसाब से इसमें निवेश करेंगे। कंपनी के बोर्ड में डिक्सन और वीवो, दोनों को दो-दो निदेशक नियुक्त करने का अधिकार होगा।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज: 51% हिस्सेदारी, सहायक कंपनी के तौर पर संचालन
वीवो मोबाइल इंडिया: 49% हिस्सेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगी और देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नया बल मिल सकता है। कंपनी ने कहा है कि इस लेन-देन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं अगले 12 महीनों के भीतर पूरी कर ली जाएंगी।