दैनिक खबरनामा | 26 अक्टूबर | नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने E85 और E100 इथेनॉल ईंधन से चलने वाले वाहनों के लिए नए नियमों को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 में संशोधन की गजट अधिसूचना जारी की। इससे वाहन कंपनियों के लिए फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के निर्माण और प्रमाणन का रास्ता खुल गया है।
नए नियमों के तहत उत्सर्जन, ईंधन गुणवत्ता और वाहन परीक्षण मानकों में बदलाव किया गया है। साथ ही, ग्रॉस व्हीकल वेट की सीमा 3,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम कर दी गई है। इन संशोधनों का मसौदा इस साल अप्रैल में जारी किया गया था।
E85 में 85 फीसदी इथेनॉल और 15 फीसदी पेट्रोल होता है, जबकि E100 लगभग पूरी तरह बायो-इथेनॉल से बना ईंधन है। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (FFV) विशेष इंजन, सेंसर और फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम से लैस होते हैं, जो अलग-अलग इथेनॉल मिश्रण के अनुसार काम करते हैं।
सामान्य पेट्रोल कारों में नहीं चलेगा E85-E100: मौजूदा पेट्रोल या E20 अनुकूल कारों में सीधे इन ईंधनों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इससे इंजन और ईंधन प्रणाली को नुकसान पहुंच सकता है। E85 और E100 का उपयोग केवल उन्हीं वाहनों में संभव होगा, जिन्हें निर्माता ने इन ईंधनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन और प्रमाणित किया हो।