दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 24 अक्टूबर: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 645 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी की पड़ताल में सामने आया है कि सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में करीब डेढ़ साल के भीतर 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम ट्रांसफर की गई थी।
इस मामले में ईडी ने सावन ज्वेलर्स के पार्टनर राजन सिंह कटोदिया को गिरफ्तार किया है। ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की टीम ने उन्हें पकड़कर पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।
संदिग्ध लेनदेन को लेकर होगी पूछताछ
ईडी अब आरोपी से इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ करेगी। ईडी के मुताबिक सेक्टर-35 स्थित सावन ज्वेलर्स के कामकाज की जिम्मेदारी संभालने वाले कटोदिया ने मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अन्य लोगों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों के पैसों को ठिकाने लगाने की साजिश रची।
फर्जी कंपनियों के जरिए भेजा गया पैसा
जांच में पता चला है कि सावन ज्वेलर्स के बैंक खाते में 6 नवंबर 2024 से 22 फरवरी 2026 के बीच करीब 332 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम आई थी। यह पैसा अलग-अलग फर्जी कंपनियों और संस्थाओं के माध्यम से भेजा गया था।
ईडी का आरोप है कि कटोदिया ने अपराध से अर्जित रकम को सावन ज्वेलर्स के जरिए खपाने और उसे वैध दिखाने में मदद की। जांच में यह भी सामने आया है कि रिभव ऋषि से सांठगांठ के बाद ज्वेलरी की खरीद में अचानक बढ़ोतरी हुई। एजेंसी इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर जांच कर रही है।