दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 24 अक्टूबर: सेक्टर-26 मार्केट कमेटी में सचिव पद पर हुई नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने हाल ही में एसडीओ मनोज कुमार शर्मा को मार्केट कमेटी का सचिव बनाया है, जबकि उनके खिलाफ सीबीआई कोर्ट में आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है। इस केस में उनकी पत्नी भी आरोपी हैं।
पिछले साल सीबीआई ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। शर्मा का नाम पहले एक रिश्वत के मामले में भी सामने आया था। हालांकि उस केस की जांच में उनकी सीधी भूमिका नहीं मिली थी, लेकिन बाद में उनकी संपत्ति की जांच शुरू हुई और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बावजूद उन्हें दोबारा उसी पद पर नियुक्त करने से प्रशासन के फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उनकी नियुक्ति अस्थायी तौर पर की गई है।
53 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
सीबीआई ने मनोज कुमार शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक साल 2016 से 2017 के बीच शर्मा और उनकी पत्नी ने अपनी आय से 53.70 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी। सीबीआई ने आयकर विभाग और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड जुटाकर उनकी आय और संपत्ति का आकलन किया था।
रिश्वत केस के बाद शुरू हुई थी संपत्ति की जांच
करीब दो साल पहले सीबीआई ने मार्केट कमेटी में रिश्वतखोरी के मामले का खुलासा किया था। उस समय भी शर्मा ही सचिव के पद पर थे। तब सीबीआई ने उनके ड्राइवर साबर अली और कर्मचारी राहुल यादव को एक फल विक्रेता से 12 हजार रुपये प्रति सप्ताह रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता ने तब सचिव मनोज कुमार शर्मा की मिलीभगत का आरोप भी लगाया था। हालांकि रिश्वत के मामले की जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई थी।