दैनिक ख़बरनामा 10 अप्रैल 2026 ईरान-इजरायल-अमेरिका के
बीच जारी युद्ध का असर अब हरियाणा के विकास कार्यों पर साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उछाल और सप्लाई में भारी कमी के चलते प्रदेश में सड़क निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं।पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों के अनुसार, सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन (डामर) की सप्लाई करीब 60 फीसदी तक घट गई है, जिससे लगभग 2000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट या तो बंद हो गए हैं या धीमी गति से चल रहे हैं। ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन ने चेतावनी दी है कि हालात ऐसे ही रहे तो निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो सकते हैं।ठेकेदारों का कहना है कि सरकार ने पिछले छह महीनों से प्राइवेट बिटुमिन के उपयोग पर रोक लगा रखी है, जबकि सरकारी रिफाइनरियों में पर्याप्त स्टॉक नहीं है। ऐसे में इम्पोर्टेड बिटुमिन की अनुमति न मिलने से संकट और गहरा गया है।कीमतों में भारी उछाल भी बड़ी समस्या बन गया है। एक महीने पहले 45 हजार रुपये प्रति टन मिलने वाला डामर अब 65 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गया है और जल्द ही 85 हजार रुपये प्रति टन होने की आशंका है। वहीं लिक्विड डीजल ऑयल (एलडीओ) की कीमत 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
सप्लाई की स्थिति भी चिंताजनक है। हर महीने 25-30 हजार टन की जरूरत के मुकाबले केवल 8-10 हजार टन ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसी तरह 30 लाख लीटर की मांग के मुकाबले सिर्फ 8 लाख लीटर एलडीओ मिल रहा है।महंगे दामों के कारण ठेकेदार काम करने से पीछे हट रहे हैं। कई प्रोजेक्ट साइट्स पर मशीनें खड़ी हैं और मजदूर खाली बैठे हैं। ठेकेदारों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार बढ़ी हुई लागत का मुआवजा नहीं देती, तब तक काम शुरू करना संभव नहीं है।निर्माण कंपनियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले मानसून में स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे चल रहे और प्रस्तावित दोनों तरह के प्रोजेक्ट प्रभावित होंगे।