दैनिक खबरनामा। शिमला, 11 जून: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में जल्द ही नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं। इन बसों का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब इन्हें विभिन्न डिपो में भेजने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बसों को डिपो तक पहुंचाने से पहले निगम की तकनीकी टीम उनकी अंतिम जांच करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशभर के डिपो के लिए रवाना करेंगे। एचआरटीसी प्रबंधन ने इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है। साथ ही, किस डिपो को कितनी बसें आवंटित की जाएंगी, इसकी सूची भी तैयार कर ली गई है।
निगम के बेड़े में कुल 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इनमें से पहले चरण में 150 बसें विभिन्न डिपो को उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों को पहले सोलन में रखा गया था, जिन्हें अब परवाणू स्थानांतरित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि निगम और यात्रियों को इन बसों का इंतजार पिछले करीब एक वर्ष से था।
यात्रियों को मिलेगा अधिक आरामदायक सफर
नई इलेक्ट्रिक बसें मौजूदा नीले रंग की बसों से काफी अलग होंगी। इनका रंग हरा रखा गया है और सीटों के डिजाइन में भी सुधार किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। निगम के अनुसार ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी।
शिमला डिपो को मिल सकती हैं 40 बसें
राजधानी शिमला के लोकल ऑपरेशन डिपो को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, 297 नई बसों में से करीब 40 इलेक्ट्रिक बसें शिमला डिपो को आवंटित की जा सकती हैं। वर्तमान में भी शिमला लोकल डिपो के पास 42 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं।
शिमला और नादौन बनेंगे इलेक्ट्रिक डिपो
एचआरटीसी प्रबंधन अब इन बसों के लिए उपयुक्त रूट तय करने में जुटा है। प्राथमिकता ऐसे मार्गों को दी जाएगी जहां बड़ी बसों का संचालन कठिन है। राज्य सरकार ने शिमला और नादौन डिपो को पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक डिपो के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत शिमला से की जा रही है।