दैनिक खबरनामा। जम्मू, 5 अगस्त: जम्मू के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में सरकारी धन की गड़बड़ी और फर्जी कागजात के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस में पीएसवी एंडोर्समेंट कराने के मामले में क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच पूरी कर ली है। इस प्रकरण में ब्रांच ने दो आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र तैयार कर इसे जम्मू की भ्रष्टाचार निरोधक अतिरिक्त सत्र अदालत में प्रस्तुत कर दिया है।
मामला तब सामने आया जब आरटीओ जम्मू में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायत मिली। उसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वाहन मालिकों से वसूले गए एकमुश्त टोकन टैक्स की रकम को नकद बही में कम दर्ज किया गया। इस हेराफेरी से सरकारी खजाने को लगभग 12 लाख 97 हजार 40 रुपये का नुकसान हुआ।
जाली सर्टिफिकेट से बना रहे थे लाइसेंस
जांच के दौरान टीम ने पीएसवी लाइसेंस के लिए लगाए गए फर्जी ड्राइविंग स्कूल सर्टिफिकेट, नकली दस्तावेज और फर्जी सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड भी बरामद किए।
क्राइम ब्रांच के अनुसार शिवम इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड मेंटेनेंस के प्रबंध निदेशक कुलभूषण शर्मा और राज कुमार ने आपसी साठगांठ कर फर्जी पीएसवी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र बनवाए।
जिन लोगों के नाम पर ये प्रमाणपत्र जारी हुए थे, उनमें से कई ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने संस्थान में जरूरी प्रशिक्षण लिया ही नहीं था। इसके बावजूद उनके नाम पर ट्रेनिंग पूरी होने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। सबूत मिटाने के लिए संस्थान से जुड़े कुछ रिकॉर्ड भी नष्ट किए गए थे।
क्राइम ब्रांच ने जब्त किए गए दस्तावेजों, गवाहों के बयान और एफएसएल जम्मू की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपों को प्रमाणित किया। इसके बाद जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया।