दैनिक खबरनामा | 7 अगस्त, नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में जारी समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दिशा में खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए 24×7 हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं।
भारतीय मिशन लगातार समुद्री अधिकारियों के संपर्क में
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में तैनात सभी भारतीय मिशन शिपिंग मंत्रालय, संबंधित देशों के समुद्री प्राधिकरणों और अन्य स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय कर रहे हैं।
जायसवाल के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भारतीय नाविक या भारतीय ध्वज वाले जहाज को सहायता की आवश्यकता होने पर मदद पहुंचाने में देरी न हो।
24 घंटे उपलब्ध हैं हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय मिशनों ने चौबीसों घंटे काम करने वाली हेल्पलाइन भी स्थापित की हैं। इनके जरिए जरूरतमंद भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा सिर्फ नाविकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अन्य भारतीयों के लिए भी उपलब्ध है।
मंत्रालय के मुताबिक, ये सेवाएं पिछले कई महीनों से लगातार संचालित की जा रही हैं और भविष्य में भी जारी रहेंगी।
सुरक्षित समुद्री आवाजाही पर भारत का जोर
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत शिपिंग मंत्रालय और पश्चिम एशिया तथा खाड़ी क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करके अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की लगातार कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों के सुचारु संचालन पर भी भारत का जोर है।
उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचा जाए। खास तौर पर वाणिज्यिक जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाए।
4,052 नाविक भारत लौटे, 62 जहाज होर्मुज से पार
शुक्रवार को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने संसद में बताया कि खाड़ी क्षेत्र से अब तक 4,052 भारतीय नाविकों को वापस भारत लाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि 3 अगस्त तक भारत आने वाले 62 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर चुके थे। इनमें 23 भारतीय ध्वज वाले और 39 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल थे।
DGMA लगातार अपडेट कर रहा एडवाइजरी
सर्बानंद सोनोवाल के मुताबिक, समुद्री सुरक्षा की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए)मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा से संबंधित अपनी एडवाइजरी को लगातार अपडेट कर रहा है।
सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए कई अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की हैं। इनमें समर्पित 24×7 नियंत्रण कक्ष, जहाजों और चालक दल का लाइव डेटाबेस तथा जहाजों की आवाजाही, भारतीय नाविकों, घटनाओं और हताहतों की स्थिति पर हर 24 घंटे में स्टेटस अपडेट जारी करना शामिल है।
सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के बीच भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखना तथा जरूरत पड़ने पर तेजी से सहायता उपलब्ध कराना है।