दैनिक खबरनामा । श्रीनगर, 24 जून : जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत हुए कथित वित्तीय घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपितों में एक पूर्व ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO), विभिन्न स्तर के इंजीनियर, पंचायत सचिव और एक ठेकेदार शामिल हैं।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह मामला वर्ष 2020 में दर्ज एफआईआर संख्या 02/2020 से संबंधित है, जिसकी जांच पुलिस थाना एसीबी बारामूला द्वारा की गई। जांच पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निरोधक) बारामूला की अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया।
जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें तत्कालीन बीडीओ सोगाम/लालपोरा मोहम्मद सुल्तान बट, तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरईडब्ल्यू कुपवाड़ा सुरिंदर कुमार शर्मा, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मोहम्मद शफी बुखारी, जूनियर इंजीनियर तैमूर अहमद खान और निसार अहमद खान, पंचायत सचिव मोहम्मद सलीम डार तथा ठेकेदार वसीम महमूद खान शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि लोलाब और लालपोरा क्षेत्र में ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित कुछ परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। इनमें मारगी दीवर (करीवान) फेज-1 में सरबंद निर्माण और दीवर-बी क्षेत्र में मत्स्य पालन तालाब निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
एसीबी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, कार्यों की माप-जोख में कथित हेरफेर, बिना कार्य पूरा किए भुगतान जारी करना, आवश्यक अनुमति के बिना वन भूमि पर निर्माण और निम्न गुणवत्ता वाले कार्यों के बावजूद सरकारी धन का भुगतान जैसी अनियमितताएं पाई गईं। जांच एजेंसी का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत से सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव कर धनराशि की अवैध निकासी की गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपपत्र दाखिल किए जाने के दौरान सभी आरोपित अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत मुचलकों पर जमानत प्रदान की है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
एसीबी ने कहा कि मामले में भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, जालसाजी और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की विस्तृत जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।