पंजाब 28 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने शहर में खेल गतिविधियों को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से उचित संचालन के अभाव में निष्क्रिय पड़े स्पोर्ट्स स्टेडियमों को फिर से सक्रिय बनाने के लिए प्राधिकरण ने एक साल की अवधि के लिए छह स्टेडियमों का संचालन और रखरखाव ठेके पर देने का निर्णय लिया है। साथ ही विभिन्न खेलों के लिए कोचों और तकनीकी स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी।गमाडा की योजना के तहत सेक्टर-56, 59, 61, 65, 69 और 71 स्थित स्टेडियमों में अलग-अलग खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन नियुक्तियों पर एक वर्ष में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उद्देश्य है कि स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही शहर में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें और स्टेडियमों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो।इसके अलावा स्टेडियमों के संचालन, साफ-सफाई, बिजली-पानी की व्यवस्था, मैदानों की देखरेख और अन्य बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन के लिए भी ठेका जारी किया गया है। इस मद में लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, एक वर्ष बाद पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।सूत्रों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर रेनोवेशन के बावजूद प्रबंधन की कमी के चलते स्टेडियम अपेक्षित स्तर पर उपयोग में नहीं आ पा रहे थे। पहले इन्हें नगर निगम को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। अब ठेके के जरिए पेशेवर प्रबंधन लागू कर खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब 28 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने शहर में खेल गतिविधियों को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से उचित संचालन के अभाव में निष्क्रिय पड़े स्पोर्ट्स स्टेडियमों को फिर से सक्रिय बनाने के लिए प्राधिकरण ने एक साल की अवधि के लिए छह स्टेडियमों का संचालन और रखरखाव ठेके पर देने का निर्णय लिया है। साथ ही विभिन्न खेलों के लिए कोचों और तकनीकी स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी।गमाडा की योजना के तहत सेक्टर-56, 59, 61, 65, 69 और 71 स्थित स्टेडियमों में अलग-अलग खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन नियुक्तियों पर एक वर्ष में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उद्देश्य है कि स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही शहर में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें और स्टेडियमों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो।इसके अलावा स्टेडियमों के संचालन, साफ-सफाई, बिजली-पानी की व्यवस्था, मैदानों की देखरेख और अन्य बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन के लिए भी ठेका जारी किया गया है। इस मद में लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, एक वर्ष बाद पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।सूत्रों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर रेनोवेशन के बावजूद प्रबंधन की कमी के चलते स्टेडियम अपेक्षित स्तर पर उपयोग में नहीं आ पा रहे थे। पहले इन्हें नगर निगम को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी। अब ठेके के जरिए पेशेवर प्रबंधन लागू कर खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।