दैनिक खबरनामा 15 अप्रैल 2026 मोहाली के सुख सेवा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में चल रहे अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार एक किडनी का सौदा करीब 25 लाख रुपये में तय किया जाता था और इस नेटवर्क की जड़ें देशभर तक फैली हुई थीं। आरोप है कि नेपाल से डोनरों को बुलाकर यहां गैरकानूनी तरीके से ट्रांसप्लांट किए जाते थे।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2023 में एसके अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपियों ने नए नाम से सेंटर खोलकर अवैध ट्रांसप्लांट का काम फिर शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मोहाली ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिना सरकारी अनुमति के ऑपरेशन किए जा रहे थे।पुलिस छापे के दौरान एक सर्जरी अंतिम चरण में थी, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी डॉ. मनप्रीत कौर मौके से फरार हो गई। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस मामले में नेपाल निवासी डोनर आशीष थमन और रिसीवर वरिंदरपाल को पीजीआई में भर्ती कराया गया है, हालांकि अभी उनके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि डोनर को तीन दिन पहले ही नेपाल से बुलाया गया था और उसकी रिसीवर से पहली मुलाकात अस्पताल में ही कराई गई थी।इस केस में पुलिस ने गुजरात के महेंद्र कुमार मनसुखभाई पटेल और राजस्थान के राकेश कुमार नानूमा को गिरफ्तार किया है, जिन्हें अटेंडेंट के रूप में बुलाया गया था। दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि डॉक्टर मरीजों को इन्हीं के भरोसे छोड़ देते थे।
एसएसपी हरमनदीप हंस के अनुसार, मरीजों के बयान अभी दर्ज नहीं हुए हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अब तक कितने अवैध ट्रांसप्लांट किए गए और सौदे की वास्तविक रकम क्या थी। फिलहाल एसआईटी पूरे नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।