दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 17 अगस्त: मोहाली के बहुचर्चित सनटेक सिटी मेगा प्रोजेक्ट में अनियमितताओं की जांच अब एक वरिष्ठ IAS अधिकारी तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़ को तलब किया है। ईडी ने उन्हें 18 अगस्त को पेश होने के लिए ई-मेल के जरिए नोटिस भेजा है।
जांच का केंद्र प्रोजेक्ट के लिए दिए गए संशोधित CLU यानी जमीन के उपयोग में बदलाव की मंजूरी और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू हैं।
2024 में टाउन प्लानिंग विभाग की कमान संभाल रही थीं बराड़
जानकारी के मुताबिक कंवलप्रीत कौर बराड़ साल 2024 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की निदेशक के पद पर थीं। इसी दौरान सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी कई अहम मंजूरियां जारी की गई थीं। ईडी अब यह समझना चाहती है कि उस समय फाइलों को मंजूरी देने की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी और किन दस्तावेजों के आधार पर हरी झंडी मिली।
ईडी के दायरे में उस समय हाउसिंग विभाग में तैनात रहे अन्य अधिकारी भी हैं। एजेंसी सभी स्तरों पर जिम्मेदारी तय करने की कोशिश कर रही है।
जमीन मालिकों के फर्जी दस्तावेजों से मंजूरी का आरोप
ईडी की जांच में सबसे गंभीर आरोप यह है कि CLU की मंजूरी लेते समय जमीन मालिकों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान जाली तरीके से लगाए गए। आरोप है कि इन्हीं फर्जी सहमति पत्रों को आधार बनाकर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया।
अब एजेंसी इस बात की तहकीकात कर रही है कि ये नकली कागजात किस स्तर पर तैयार किए गए और विभाग ने मंजूरी से पहले उनका सत्यापन कितना किया। यह भी देखा जा रहा है कि फाइल आगे बढ़ाते समय किन-किन अधिकारियों ने क्या भूमिका निभाई।
आगे क्या
18 अगस्त को होने वाली पूछताछ में ईडी, बराड़ से सनटेक सिटी को मिली मंजूरियों, CLU की पूरी प्रक्रिया और जमीन मालिकों की सहमति वाले दस्तावेजों की जांच के बारे में सवाल कर सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि ईडी की पड़ताल पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि मामले में और किन लोगों को घेरा जाएगा और क्या कार्रवाई होगी।