दैनिक खबरनामा ब्यूरो। लंदन, 13 जून : ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने नाटो महासचिव मार्क रुटे को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार अगले महीने होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले देश की बहुप्रतीक्षित रक्षा निवेश योजना प्रकाशित करेगी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब सरकार पर रक्षा खर्च बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, शनिवार को हुई टेलीफोन वार्ता में स्टार्मर और रुटे ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते सुरक्षा खतरों का सामना करने के लिए नाटो सहयोगियों को सामूहिक रक्षा क्षमता मजबूत करनी होगी और आवश्यक कदमों को तेजी से लागू करना होगा।

प्रधानमंत्री स्टार्मर ने बातचीत के दौरान कहा कि उनकी सरकार नाटो शिखर सम्मेलन से पहले रक्षा निवेश योजना सार्वजनिक करेगी। उन्होंने इसे ब्रिटेन की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ब्रिटेन में रक्षा नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हाल ही में रक्षा मंत्री जॉन हीली ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया था कि सरकार देश की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रति पर्याप्त प्रतिबद्धता नहीं दिखा रही है।

नाटो महासचिव मार्क रुटे ने ब्रिटेन के बढ़ते रक्षा निवेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ब्रिटेन की सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि पूरे नाटो गठबंधन की सामूहिक रक्षा क्षमता को भी मजबूती प्रदान करेगा। रुटे ने बदलते वैश्विक खतरों के मद्देनजर सदस्य देशों द्वारा रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

गौरतलब है कि नाटो का अगला शिखर सम्मेलन 7 और 8 जुलाई को अंकारा में आयोजित होना है। ब्रिटेन की रक्षा निवेश योजना पिछले वर्ष जारी की जानी थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी हुई।

स्टार्मर ने एक बार फिर अपने उस लक्ष्य को दोहराया जिसके तहत वह अगले संसदीय कार्यकाल में रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3 प्रतिशत तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बजट संबंधी कठिन निर्णयों के बावजूद राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, यूरोप की सुरक्षा चुनौतियों और नाटो की बदलती रणनीतिक आवश्यकताओं के बीच ब्रिटेन की यह नई रक्षा योजना आने वाले वर्षों में उसकी सैन्य और सुरक्षा नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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