दैनिक खबरनामा
22 जुलाई चेन्नई : NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में चल रही बहस के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कज़गम (TVK) ने बड़ा राजनीतिक रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि केवल परीक्षा में अनियमितताओं पर रोक लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि NEET व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।
शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की पैरवी
TVK का तर्क है कि छात्रों के हितों की रक्षा और राज्यों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर राज्य सूची में शामिल किया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि यदि इसमें संवैधानिक या कानूनी बाधाएं हों, तो अंतरिम व्यवस्था के रूप में विशेष समवर्ती सूची बनाई जा सकती है, जिससे राज्यों को मेडिकल शिक्षा से जुड़े फैसले लेने का अधिकार मिल सके। पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय पहले ही इस दिशा में अपनी रूपरेखा स्पष्ट कर चुके हैं।
DMK पर चुनावी वादे को लेकर हमला
NEET के मुद्दे पर TVK ने DMK की भी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि वह छात्रों और जनता से ऐसे वादे नहीं करती जिन्हें पूरा करना संभव न हो। TVK ने याद दिलाया कि 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले DMK ने सत्ता में आने पर राज्य में NEET समाप्त करने का वादा किया था, जिसे अब तक लागू नहीं किया जा सका।
रैपर ‘थेरुकुरल’ अरिवु से मिले मुख्यमंत्री विजय
मंगलवार को NEET के विरोध में प्रसिद्ध रैपर ‘थेरुकुरल’ अरिवु ने तमिलनाडु सचिवालय के बाहर धरना दिया। शुरुआती चरण में पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर उन्हें सचिवालय के भीतर बुलाया गया। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अरिवु से मुलाकात कर NEET को लेकर उनकी चिंताओं पर चर्चा की।
तमिलनाडु सरकार लंबे समय से NEET का विरोध करती रही है। राज्य सरकार का लगातार यह मत रहा है कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के जरिए।