उन्नत चिप प्रौद्योगिकी और पैकेजिंग इकाई से हजारों कुशल रोजगार सृजित होने की उम्मीद
दैनिक खबरनामा ब्यूरो | नई दिल्ली 30 मई : भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार और वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के बीच बड़े निवेश को लेकर समझौता हुआ है। इस परियोजना के तहत लगभग 3.3 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 28 हजार करोड़ रुपये) के निवेश से अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर अवसंरचना विकसित की जाएगी।
प्रस्तावित परियोजना ओडिशा के भुवनेश्वर-खुर्दा क्षेत्र में स्थापित की जाएगी और इसे चरणबद्ध तरीके से अगले पांच से छह वर्षों में विकसित किया जाएगा। इस निवेश को देश के उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, ग्लास-कोर सब्सट्रेट और उच्च घनत्व इंटरकनेक्ट तकनीकों का उत्पादन करना है। ये तकनीकें आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रोसेसरों और जटिल चिप संरचनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इनके माध्यम से चिप्स की क्षमता, गति और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार संभव होता है।
परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से 1,800 से अधिक उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा स्थानीय आपूर्तिकर्ता उद्योगों, सहायक इकाइयों और निर्यातोन्मुख विनिर्माण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से ओडिशा में तकनीकी कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और राज्य उभरते हुए सेमीकंडक्टर उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। परियोजना के तहत उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं और तकनीकी विशेषज्ञता का हस्तांतरण भी किया जाएगा, जिससे भारतीय उद्योग को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य में पहले से ही उन्नत चिप पैकेजिंग और विशेष सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नई पहल से इन प्रयासों को और गति मिलेगी तथा भारत के सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती प्राप्त होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में ऐसी परियोजनाएं निर्णायक साबित हो सकती हैं।