दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 7 अगस्त: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बीच राहुल गांधी के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
दिल्ली में हुए जेन-जी संवाद कार्यक्रम के दौरान एक युवा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि भाजपा में उन्हें कौन नेता सबसे अच्छा लगता है। इस पर राहुल गांधी ने तुरंत जवाब दिया- “कैप्टन अमरिंदर सिंह मेरे पसंदीदा नेता हैं।” इस बातचीत का वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया।
राहुल के इस जवाब के बाद पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस में लौटने की चर्चाएं फिर से गर्म हो गई हैं। इसकी वजह यह भी है कि कुछ समय पहले कैप्टन ने खुद कहा था कि उन्हें कांग्रेस की याद आती है। उन्होंने कांग्रेस को अपना परिवार बताया और कहा कि राहुल गांधी हर सुख-दुख में उनसे बात करते हैं। इसके उलट भाजपा में उन्हें वह अपनापन नहीं मिला।
पंजाब कांग्रेस में दरार, नेतृत्व की तलाश
राहुल का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बीते दिन लुधियाना में कहा था कि एक हफ्ते के अंदर पार्टी में सब सामान्य हो जाएगा, वरना राहुल गांधी को कोई बड़ा कदम उठाना पड़ सकता है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाने वाले विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि अगर कैप्टन वापस आते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। कांग्रेस नेता परगट सिंह ने भी कहा कि कैप्टन दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उनके तजुर्बे का फायदा पार्टी को मिल सकता है।
गांधी परिवार से पुराना रिश्ता
कैप्टन अमरिंदर सिंह का गांधी परिवार से रिश्ता दशकों पुराना है। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ पढ़े और दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। इसी वजह से सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी उन्हें हमेशा सम्मान देते आए हैं।
2022 में मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कैप्टन ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बावजूद वह कई मौकों पर कांग्रेस और गांधी परिवार की तारीफ करते रहे। हाल ही में उन्होंने बताया था कि जब उनके चचेरे भाई का निधन हुआ तो राहुल गांधी ने फोन कर संवेदना जताई, लेकिन भाजपा के किसी नेता ने संपर्क नहीं किया।
जट्ट सिख वोटबैंक और सियासी समीकरण
कैप्टन के पार्टी छोड़ने के बाद पंजाब कांग्रेस का पारंपरिक जट्ट सिख वोटबैंक कमजोर हुआ माना जाता है। राज्य की करीब 80 से 85 सीटों पर जट्ट सिख मतदाता नतीजे तय करते हैं। ऐसे में राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राहुल गांधी का यह बयान सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि पंजाब के बदलते सियासी हालात में एक बड़ा संकेत भी है।
फिलहाल कांग्रेस को ऐसे चेहरे की जरूरत है जिसके पीछे पूरा संगठन एकजुट हो सके। ऐसे में कैप्टन की संभावित वापसी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।