पंजाब पुलिस के संवाद अभियान ने नशा विरोधी मुहिम को बनाया जन आंदोलन, स्कूल-कॉलेजों से लेकर गांवों और वार्डों तक पहुंचा संदेश
दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 7 अगस्त 2026.पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करते हुए पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ अभियान के तहत राज्यभर में 39 हजार से अधिक जन-जागरूकता बैठकें आयोजित की हैं। इन बैठकों के माध्यम से पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ नशे के खिलाफ लड़ाई को सामाजिक आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
पंजाब पुलिस की ओर से नशा तस्करों और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही जन-जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, रोकथाम और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
केवल कानून से नहीं, समाज की भागीदारी से जीती जाएगी नशे के खिलाफ लड़ाई
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए पूरे समाज को रोकथाम और जागरूकता के प्रयासों में बराबर का भागीदार बनना होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस नशा तस्करों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन स्थायी सफलता तभी संभव है जब आम लोग भी इस लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाएं। जन-जागरूकता बैठकें पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के साथ लोगों को नशे से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ 10,605 बैठकें
5 अगस्त 2026 तक पंजाब पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ 10,605 बैठकें की हैं। इन बैठकों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और साथियों के दबाव से निपटने के बारे में जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया गया।
युवाओं के साथ 3,303 संपर्क बैठकें
युवाओं को नशे की लत से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले वर्गों में शामिल मानते हुए पुलिस ने उनके साथ 3,303 संपर्क बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों में युवाओं को पुलिस अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला।
इस दौरान नशे से जुड़े भ्रम दूर करने के साथ नशा मुक्ति, पुनर्वास और रोकथाम से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
गांवों और वार्डों में 25,328 से अधिक बैठकें
पुलिस के जन-संपर्क अभियान में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली है। गांव रक्षा समितियों और वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों के साथ 25,328 से अधिक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
इन बैठकों का उद्देश्य प्रत्येक गांव और प्रत्येक वार्ड को नशे के खिलाफ सक्रिय बनाना है।
हर दिन पांच जिलों में व्यापक पुलिस-जन संवाद
पुलिस-जन संवाद को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिदिन पांच जिलों का चयन किया जाता है। बड़े कार्यक्रमों की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करते हैं, जबकि स्थानीय स्तर की बैठकों का नेतृत्व थाना प्रभारी करते हैं।
लोगों की बढ़ती भागीदारी के कारण कई स्थानों पर बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के लिए बैंक्वेट हॉल और बड़े सामुदायिक भवनों की व्यवस्था भी करनी पड़ रही है।
13 हजार गांव रक्षा समितियों में 1.25 लाख स्वयंसेवक सक्रिय
वर्तमान में पंजाब में लगभग 13 हजार गांव रक्षा समितियां सक्रिय हैं, जिनमें करीब 1.25 लाख स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। ये स्वयंसेवक पंजाब पुलिस के सहयोगी सूचना तंत्र के रूप में काम करने के साथ-साथ अपने गांवों और पंचायतों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
इन समितियों में गांवों के सम्मानित बुजुर्गों, सेवानिवृत्त सैनिकों और पुलिस कर्मचारियों, शिक्षकों तथा समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों को शामिल किया गया है।
पंजाब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ये सदस्य नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा करने के साथ नशे के शिकार लोगों को नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
‘नशा-मुक्त पंजाब’ के लिए मजबूत हुआ पुलिस-जन संवाद
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, नीलाभ किशोर ने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस अभियान को कक्षाओं और कॉलेजों से लेकर गांवों और शहरी वार्डों तक समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि 39 हजार से अधिक पुलिस-जन संवाद बैठकें संवाद, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का मजबूत मंच बन चुकी हैं। लगातार चल रहे इस जन-संपर्क अभियान से लोग नशे से संबंधित जानकारी साझा करने और नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
पंजाब पुलिस का कहना है कि कानून लागू करने की कार्रवाई के साथ जागरूकता और जनभागीदारी को मजबूत करते हुए राज्य में सुरक्षित, स्वस्थ और नशा-मुक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।